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News Samvad : लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास न होने को लेकर सियासत गरमा गई है। इसी मुद्दे पर मंगलवार को राजधानी लखनऊ में ‘जन आक्रोश महिला पद यात्रा’ निकाली गई। इस पद यात्रा की शुरुआत सीएम आवास से हुई और यह विधानभवन तक पहुंचने वाली है। खास बात यह रही कि खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मार्च में शामिल हुए।
विपक्ष के खिलाफ गुस्सा, सड़कों पर उतरी महिलाएं
इस पद यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया और विपक्ष के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। नेताओं का कहना है कि महिलाओं को आरक्षण न मिल पाने की वजह विपक्ष का रवैया है, जिसके चलते अब महिलाएं खुद सड़कों पर उतरकर विरोध जता रही हैं।
डिप्टी सीएम का तंज: ‘देख सपाई बिटिया घबराई’
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज महिलाओं को सड़कों पर आना पड़ा है, और इसके लिए विपक्ष जिम्मेदार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा “देख सपाई, बिटिया घबराई”… जो इस पूरे मुद्दे पर उनकी नाराजगी को दिखाता है।
लखनऊ में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ में… https://t.co/PRaCFx2oGS
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 21, 2026
केशव मौर्य बोले: वोट से मिलेगा जवाब
वहीं दूसरे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा और कांग्रेस के खिलाफ महिलाओं में जबरदस्त गुस्सा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर महिलाओं को आरक्षण नहीं मिलता, तो आने वाले चुनाव में विपक्ष को वोट नहीं मिलेगा। उनके मुताबिक, मातृशक्ति इस बार चुनाव में बड़ा संदेश देने वाली है।
भाजपा का आरोप: विपक्ष ने मनाई खुशी
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने मिलकर इस अधिनियम को गिराया और सदन में खुशी भी मनाई। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है और जनता इसे माफ नहीं करेगी।
सीएम योगी का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा, कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जो आक्रोश है, उसका प्रतीक लखनऊ का यह मार्च बनेगा।
चुनावी माहौल में बढ़ी हलचल
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ अब सिर्फ एक बिल नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा महिलाओं के वोट को प्रभावित कर सकता है और सियासी समीकरण बदल सकता है।



