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Sitapur (UP) : सीतापुर जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा 150 से अधिक आउटसोर्स सुरक्षा गार्ड कर्मचारियों को अचानक सेवा से हटा दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न तो पहले कोई सूचना दी गई और न ही हटाने का कोई कारण बताया गया।
बिना नोटिस और बिना प्रक्रिया के हटाए गए कर्मचारी
बताया जा रहा है कि सभी सुरक्षा गार्ड लंबे समय से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इसके बावजूद विभाग ने किसी तरह की वैधानिक प्रक्रिया अपनाए बिना उन्हें नौकरी से निकाल दिया। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
सपा नेता दारासिंह यादव का तीखा विरोध
इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता दारासिंह यादव ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि जब इन कर्मचारियों की भर्ती हुई थी, तब इसे बड़े पैमाने पर रोजगार देने का उदाहरण बताया गया था। अब अचानक इन्हें हटाना पूरी तरह गलत है।
सरकार की रोजगार नीति पर उठे सवाल
दारासिंह यादव ने कहा कि ये कर्मचारी ईमानदारी से काम कर रहे थे और बिना किसी गलती के उन्हें नौकरी से निकाल देना अमानवीय है। उन्होंने इसे सरकार की रोजगार नीति की विफलता बताया और कहा कि इससे आम लोगों का भरोसा टूट रहा है।
नौकरी बहाली की मांग और आंदोलन की चेतावनी
सपा नेता ने मांग की कि सभी बर्खास्त कर्मचारियों को तुरंत दोबारा नौकरी पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी प्रकार की कार्रवाई करनी है तो वह नियम और कानून के तहत होनी चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों को न्याय नहीं मिला तो समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।
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