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Patna : राजधानी पटना के सिटी पश्चिमी क्षेत्र में तैनात करीब 150 पुलिसकर्मियों की सैलरी पर SP ने रोक लगा दी है। 150 पुलिसकर्मियों में सहायक उप निरीक्षक (ASI) और उप निरीक्षक (दारोगा) रैंक के अधिकारी शामिल थे। यह कड़ी कार्रवाई काम में लापरवाही और केस निपटाने में ढिलाई बरतने के कारण की गई है। इनमें से कई अधिकारियों को प्रति माह कम से कम 5 मामलों के निपटारे का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन कुछ ने एक भी केस का निष्पादन नहीं किया, जबकि कुछ ने मात्र एक या दो केस ही निपटाये।
SP ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदर्शन में सुधार होने पर ही वेतन बहाल किया जाएगा, अन्यथा सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिन आधा दर्जन पुलिसकर्मियों ने एक भी केस का निपटारा नहीं किया, उनके खिलाफ सीधी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हाल की समीक्षा बैठक में सामने आया कि शाहपुर, फुलवारीशरीफ और दानापुर थानों के पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जहां केस निपटान की गति बेहद धीमी पाई गई। SP भानु प्रताप सिंह ने बताया कि इन थानों के पुलिसकर्मियों को पहले भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन सुधार नहीं हुआ। वहीं, मनेर और बिहटा थानों के पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा, जहां केस निपटान की दर में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। इसके लिए इन थानों के अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
SP ने मीडिया को बताया कि सिटी पश्चिमी क्षेत्र में पहले लगभग 12,500 मामले लंबित थे, लेकिन पिछले एक महीने में पुलिस टीमों ने 1,500 से अधिक केसों का निपटारा किया, जो एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि सभी पुलिसकर्मियों के कार्यों की नियमित समीक्षा जारी रहेगी और लगातार खराब प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ सीसीए-3 (Central Civil Services Rules) के तहत कार्रवाई की जाएगी। SP ने सख्त लहजे में कहा, “लापरवाही और लंबित मामलों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता को समय पर न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है। बेहतर काम करने वालों को सम्मान और लापरवाहों को दंड दोनों मिलेंगे। जनता की शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है, ताकि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।”
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