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Patna : बिहार और पूर्वांचल के लोगों के प्रमुख पर्व छठ पूजा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने की दिशा में केंद्र सरकार ने कदम उठाया है। यह पहल पूर्वी दिल्ली के निवासी और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संदीप कुमार दुबे के पांच साल के अभियान का नतीजा है।
छठी मैया फाउंडेशन ने शुरू की मुहिम
बिहार के गोपालगंज निवासी संदीप दुबे ने छठ पूजा को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ‘छठी मैया फाउंडेशन’ बनाया। उन्होंने खुद छठ व्रत शुरू किया और 2024 में संस्कृति मंत्रालय से छठ पूजा को यूनेस्को की सूची में शामिल करने की मांग की।
केंद्र सरकार का समर्थन
संदीप ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर यह प्रस्ताव रखा। मंत्री ने इसे महत्वपूर्ण मानते हुए समर्थन का वादा किया। इसके बाद, केंद्र सरकार ने संगीत नाटक अकादमी को निर्देश दिया कि वह यूनेस्को को छठ पूजा के नामांकन की प्रक्रिया शुरू करे। अवर सचिव अंकुर वर्मा ने 24 जुलाई को फाउंडेशन के प्रस्ताव के आधार पर यह निर्देश जारी किया।
विदेशों में छठ व्रतियों को मिलेगी सुविधा
संदीप दुबे ने बताया कि यूनेस्को की मान्यता मिलने से विदेशों में रहने वाले भारतीयों को छठ पूजा करने में आसानी होगी। कई देशों में नदी या समुद्र किनारे पूजा के लिए अनुमति लेनी पड़ती है, और कई बार परेशानी होती है। मान्यता मिलने से छठ को वैश्विक पहचान मिलेगी और व्रतियों को सुविधा होगी।
शहरों में बदल रहा छठ का स्वरूप
उन्होंने कहा कि शहरों में नदियों और तालाबों की कमी के कारण लोग घरों में कृत्रिम तालाब बनाकर छठ पूजा कर रहे हैं। इससे पर्व का पारंपरिक रूप कम हो रहा है। यूनेस्को की मान्यता मिलने से सरकारें इस पर्व के संरक्षण और प्रचार के लिए और सक्रिय होंगी।
यूनेस्को की शर्तें पूरी करता है छठ
संदीप के अनुसार, यूनेस्को की सूची में शामिल होने के लिए परंपरा का सांस्कृतिक महत्व होना चाहिए, उसे कई देशों में मनाया जाना चाहिए और इसके लिए संगठित अभियान होना चाहिए। छठ पूजा इन सभी शर्तों को पूरा करती है। भारत, नेपाल और दुनिया के कई देशों में बिहार-पूर्वांचल के लोग इसे श्रद्धा से मनाते हैं।
भारतीय संस्कृति की पहचान
संदीप दुबे ने कहा, “जैसे योग को वैश्विक मान्यता मिली, वैसे ही छठ पूजा भी भारतीय संस्कृति की पहचान बन सकती है। यह बिहार और पूर्वांचल ही नहीं, पूरे भारत के लिए गर्व की बात होगी।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संस्कृति मंत्री का इस दिशा में कदम उठाने के लिए धन्यवाद दिया।
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