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Patna : राजधानी पटना के गांधी मैदान में शनिवार को दिव्य कला मेला की शुरुआत हुई। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार, सांसद रविशंकर प्रसाद और राज्य मंत्री मदन सहनी ने इसका उद्घाटन किया। यह मेला 31 अगस्त तक चलेगा और देशभर से आए दिव्यांग कारीगर एवं उद्यमी इसमें अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस मेले का उद्देश्य दिव्यांग कलाकारों और उद्यमियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर सकें। साथ ही, यह पहल “लोकल के लिए वोकल” को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
100 से ज्यादा कलाकार, 75 स्टॉल
इस बार मेले में करीब 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 100 से अधिक दिव्यांग कलाकार शामिल हुए हैं। यहां कुल 75 स्टॉल लगाए गए हैं जिनमें हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई कार्य, आभूषण, परिधान, खिलौने, गृह सज्जा सामग्री और पैकबंद खाद्य उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक जनता के लिए खुला रहेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और रोजगार मेला
मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें दिव्यांग कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। 31 अगस्त को विशेष सांस्कृतिक संध्या “दिव्य कला संध्या” आयोजित होगी। साथ ही 28 अगस्त को रोजगार मेला भी होगा, जिसमें 200 से अधिक कंपनियां दिव्यांग युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी।
नेताओं के संदेश
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि यह मेला दिव्यांगजनों की कला और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस पहल से अब तक 30 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार हो चुका है। वहीं, सांसद रविशंकर प्रसाद ने दिव्यांगजनों के लिए स्टार्टअप और विशेष ट्रेनिंग को प्रोत्साहित करने की मांग की।
26वां संस्करण
यह मेला अपने 26वें संस्करण में है। इसकी शुरुआत 2022 में हुई थी और अब तक यह दिल्ली, मुंबई, भोपाल, गुवाहाटी, चेन्नई, जयपुर, हैदराबाद, रांची, विशाखापत्तनम, पुणे, सूरत, अहमदाबाद और उदयपुर जैसे शहरों में सफलतापूर्वक आयोजित हो चुका है।
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