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Jhansi : रचना यादव हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में फरार चल रहे संदेही गुनहगार प्रदीप उर्फ दीपक अहिरवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने कई सनसनीखेज खुलासे किए। पुलिस पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि रचना का आशिक और महेबा गांव के पूर्व ग्राम प्रधान संजय पटेल ने उसे लाश के टुकड़े करने का काम सौंपा था। इस काम का सौदा एक लाख रुपये में तय हुआ था। 15 हजार रुपये बतौर एडवांस दिये गये थे। बाकी की रकम काम होने के बाद देने का वादा किया गया था। लेकिन रकम मिलने से पहले ही संजय पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
सिर और पैर अलग कर नदी में फेंका
बीते 9 अगस्त को रचना को रामराजा अस्पताल से डिस्चार्ज कराने के बाद संजय, उसका भतीजा संदीप और प्रदीप कार में लेकर निकले। कार में पहले से कुल्हाड़ी और बोरी छिपाकर रखी गई थी। रास्ते में मौका पाकर संजय ने आगे सीट पर बैठी रचना का गला घोंटकर उसे मौत की नीमंद सुला दिया। इसके बाद वे लोग किशोरपुरा गांव पहुंचे। यहां प्रदीप ने संदीप की मदद से लाश को टुकड़ों में काटा और बोरी में भरकर कुएं में फेंक दिया। बॉडी की शिनाख्त न हो, इस चलते उसका सिर और पैर लखेरी नदी में फेंक दिया।
खेत में दो बोरियों में भरी मिली रचना की टुकड़ों में कटी बॉडी
हत्या के चार दिन बाद यानी 13 अगस्त को पुलिस ने विनोद पटेल के खेत से दो बोरियों में भरा रचना का टुकड़ों में कटा शव बरामद किया। सिर की तलाश में कुआं खाली कराया गया, लेकिन सिर नहीं मिला। इसके लिए 10 टीमें लगाई गईं। जांच के दौरान पुलिस को संजय और रचना की फोन पर बातचीत के सबूत मिले। संजय घर से लापता था। दबिश देकर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
मुठभेड़ में जख्मी होनेके बाद धराया प्रदीप
पुलिस ने सबसे पहले संजय और उसके भतीजे संदीप को गिरफ्तार किया। प्रदीप फरार था, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आखिरकार मुठभेड़ में घायल होने के बाद उसे भी पकड़ लिया गया। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
शादी का दबाव बनाने लगी थी रचना
SSP बीबी जीटीएस मूर्ति के मुताबिक, रचना लगातार संजय पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इस बीच उसके गर्भवती होने की आशंका से संजय परेशान था। परिवार और समाज में बदनामी के डर से उसने हत्या की साजिश रची।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के चंदेरा थाना क्षेत्र के मैलवारा गांव की रहने वाली रचना की पहली शादी वहीं हुई थी। पहले पति से उसके दो बच्चे थे। झगड़े के बाद वह मायके लौट आई थी। इसी दौरान उसके संबंध महेबा गांव निवासी शिवराज यादव से बने। वह उसके साथ रहने लगी, लेकिन बाद में विवाद हो गया। वर्ष 2023 में रचना ने शिवराज के बड़े भाई पर दुष्कर्म और हत्या की कोशिश का केस दर्ज कराया। इस मामले की पैरवी के लिए वह गरौठा कोर्ट जाती थी, जहां उसकी मुलाकात तत्कालीन ग्राम प्रधान संजय पटेल से हुई। दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और देह से देह का रिश्ता बन गया।
जून 2025 में शिवराज की मौत हो गई। इसके बाद रचना ने संजय पर शादी का दबाव और बढ़ा दिया। लेकिन संजय पहले से शादीशुदा था और उसके दो बच्चे भी थे। इसी कारण उसने रचना को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य मिले हैं और अदालत में चार्जशीट पेश की जाएगी। दिल दहलाने वाली यह वारदात झांसी के टोड़ी फतेहपुर थाना क्षेत्र के किशोरपुरा गांव से सामने आयी है।
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