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Ramgarh : रामगढ़ जिले के साइबर थाना ने साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। इस महिला का नाम पूर्णिमा देवी बताया गया। वह लंबे समय से साइबर गिरोह चला रही थी। गिरफ्तार महिला के पास से कई बैंक पासबुक, एटीएम और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस मामले की जानकारी रविवार को एसपी अजय कुमार ने प्रेस वार्ता कर दी।
ठगों की बड़ी मददगार है पूर्णिमा देवी
18 जुलाई को साइबर थाना रामगढ़ में एक मामले की शिकायत दर्ज हुई थी, जिसमें साइबर गिरोह ने 2 लाख 4 हजार 500 रुपये की ठगी की थी। इसे कांड संख्या 3/25 दर्ज किया गया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ठगी की उस कड़ी को पकड़ लिया, जहां से पूरे नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह को बड़ी मददगार पूर्णिमा देवी नाम की एक महिला है। उसके पति का नाम कलाल महतो है। वह गोला थाना क्षेत्र के तोयर, खोहा गांव की रहने वाली है। पुलिस ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
घर से बरामद पासबुक और एटीएम
गिरफ्तारी के बाद जब पूर्णिमा देवी के घर की तलाशी ली गई तो वहां से साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए 9 बैंक पासबुक, एक स्पीड पोस्ट रसीद (जिसके जरिए गिरोह को एटीएम कार्ड भेजा गया था) और एक सिम कार्ड का कवर बरामद किया गया। इन सभी सामग्रियों को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
कई बैंकों में खाता खोलकर चलाती थी गिरोह
पुलिस जांच में पता चला कि पूर्णिमा देवी ने 6 अलग-अलग बैंकों में 9 खाते खुलवाए थे। इन खातों पर कई साइबर अपराध दर्ज हैं…
- पंजाब नेशनल बैंक : 3 रिपोर्ट
- केनरा बैंक : 1 रिपोर्ट
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र : 6 रिपोर्ट
- बैंक ऑफ इंडिया : 23 रिपोर्ट
- केनरा बैंक का दूसरा खाता : 7 रिपोर्ट
- पंजाब नेशनल बैंक का दूसरा खाता : 2 रिपोर्ट
इस तरह लगभग हर खाते पर एक से अधिक साइबर ठगी के मामले दर्ज मिले।
देशभर से आते थे पैसे
जांच में यह भी सामने आया कि पूर्णिमा देवी ने अपने बैंक खातों और एटीएम कार्ड साइबर गिरोह के मुख्य सरगना को सौंप दिए थे। गिरोह का सरगना देशभर से लोगों को ठगता था और ठगे गए पैसे सीधे पूर्णिमा के बैंक खातों में मंगवाता था। बाद में वह एटीएम से पैसा निकाल लेता था और पूर्णिमा को कमीशन के तौर पर कुछ रकम भेज देता था। यहां तक कि उसने पूर्णिमा का सिम कार्ड भी अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस ने बताया कि सभी जब्त खातों और लेन-देन का सत्यापन नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से किया जा चुका है। आगे इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।
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