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Ranchi : मोबाइल फोन में महज एक लिंक भेज कर करीब तीन करोड़ रुपये हड़प लेने वाले दो साइबर ठग अब झारखंड CID के शिकंजे में हैं। गिरफ्तार ठगों के नाम गरनिया भरत रामकूभाई (31) और गोयनिया हार्दिकमाई करमसिंह (42) बताये गये। दोनों ठग गुजरात के सूरत के रहने वाले हैं। CID की साइबर पुलिस ने गुजरात पुलिस की मदद से सबसे पहले गरनिया भरत रामकूभाई को गिरफ्तार किया। इसके बाद गोयनिया हार्दिक भाई को शिकंजे में ले लिया। इन दोनों के अलावा जमशेदपुर के दिनेश कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
CID की DSP नेहा बाला ने बताया कि ये लोग टेलीग्राम ऐप पर लिंक भेजकर फर्जीवाड़ा करते थे। इन लोगों ने एक शख्स के 2.98 करोड़ रुपये हड़प लिये। DSP ने बताया कि टेलिग्राम पर “ग्लोबल इंडिया” नाम से चल रहे लिंक पर क्लिक कराते ही फर्जी खाता खुलता था और फिर मेटल ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर लोगों से करोड़ों लूट लिए गए। ठगी के पैसों का बड़ा हिस्सा इंडसइंड बैंक के एक खाते में गया। सिर्फ एक दिन में 1.68 करोड़ रुपये उस खाते में जमा हुए। गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल के मुताबिक इसी खाते के खिलाफ झारखंड, उत्तराखंड और कर्नाटक में भी मामले दर्ज हैं।

CID की साइबर थाना पुलिस ने लगातार सुराग जुटाते हुए गुजरात के सूरत से शातिर अपराधी गरनिया भरत रामकूभाई (31 वर्ष) को धर दबोचा। आरोपी के पास से 2 मोबाइल, 3 सिम कार्ड, 2 एटीएम और 3 चेक बरामद किए गए। DSP नेहा बाला ने आम लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। वहीं, साइबर क्रिमिनल्स को सख्त हिदायत दी है कि… क्राइम कर वे किसी भी हाल में बच नहीं सकते। उनका आखिरी ठिकाना जेल ही है।
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