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Hazaribagh (Krishna Paswan, Chauparan) : ‘मौत की घाटी’ ने नाम से अपनी पहचान बना चुकी चौपारण की दनुआ घाटी की निगहबानी अब ‘तीसरी आंख’ करेगी। घाटी में लगातार हो रहे रोड एक्सीडेंट को कम करने और पैसेंजर्स की सुरक्षा के मद्देनजर NHAI यानी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यह अहम पहल की है। इस क्षेत्र में CCTV कैमरे लगाकर अब 24 घंटे की निगरानी की जाएगी, जिससे सड़क पर हो रही घटनाओं पर प्रभावी नजर रखी जा सकेगी।
दनुआ घाटी : हादसों का झरोखा
दनुआ घाटी अपने तीखे मोड़ों और खड़ी ढलानों के कारण लंबे समय से सड़क दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट रही है। यहां होने वाले हादसों में कई बार लोगों की जान और वाहन या अन्य संपत्ति का बड़ा नुकसान होता रहा है। NHAI का कहना है कि केवल दुर्घटनाओं को रिकॉर्ड करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनके कारणों का विश्लेषण करके सुरक्षा उपायों को और मजबूत बनाना भी प्राथमिकता है।
कैमरों की भूमिका
ये CCTV कैमरे 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और चालकों की पहचान आसान बनाएंगे। इस पहल से यह उम्मीद है कि ड्राइवर अधिक सतर्क रहेंगे और गति, ओवरटेकिंग या अन्य नियमों का उल्लंघन कम होगा।
सड़क सुरक्षा के प्रति NHAI प्रतिबद्ध
NHAI की इस पहल से स्पष्ट होता है कि सड़क सुरक्षा उसके लिए सिर्फ नारा नहीं बल्कि वास्तविक प्रयास है। दनुआ घाटी में कैमरों की स्थापना न केवल दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगी, बल्कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले हर यात्री के लिए सुरक्षित और भय-मुक्त यात्रा सुनिश्चित करेगी।
नियमित सुरक्षा संकेत और चेतावनी बोर्ड भी जरूरी
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीसीटीवी निगरानी के साथ-साथ नियमित सुरक्षा संकेत, चेतावनी बोर्ड और ड्राइवरों के लिए जागरूकता अभियान भी दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। NHAI इस दिशा में लगातार पहल कर रहा है।
NHAI का नागरिकों को संदेश
NHAI ने यात्रियों और ड्राइवरों से अपील की है कि वे सावधानीपूर्वक वाहन चलाएँ, यातायात नियमों का पालन करें और खुद की तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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