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Garhwa (Nityanand Dubey) : शनिवार का दिन गढ़वा में न्याय और उम्मीद का दिन साबित हुआ। गढ़वा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA) ने गढ़वा और नगर उंटारी के व्यवहार न्यायालयों में इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया, जिसमें कुल 1,08,185 मामलों का निपटारा किया गया। सिर्फ मामलों का निपटारा ही नहीं, बल्कि इस दौरान 5.67 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली भी हुई, जिससे न्यायालय और प्रशासन दोनों की सफलता का परचम लहरा गया।
न्याय और तकनीक का संगम
इस अवसर पर नालसा वीर परिवार सहायता योजना 2025 के तहत एक ऑनलाइन विधिक सेवा क्लिनिक का उद्घाटन भी किया गया। झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजित नारायण प्रसाद ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया। इस पहल से यह संदेश गया कि अब न्यायालय सिर्फ कागज पर नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी नागरिकों के करीब है।
न्यायिक अधिकारियों की भूमिका
गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और डालसा के अध्यक्ष कौशल किशोर झा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार, प्रभात कुमार शर्मा, शिवनाथ त्रिपाठी सहित अन्य कई न्यायिक अधिकारी इस आयोजन में मौजूद रहे। उन्होंने न केवल मामलों का निष्पक्ष निपटारा किया, बल्कि लोगों में न्याय और भरोसे का वातावरण भी बनाया।
25 पीठों में न्याय की तेजी
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए 25 पीठों का गठन किया गया। बैंक से लेकर बिजली, मोटर वाहन अधिनियम और आपराधिक शमनीय मामलों तक हर मामले को तेजी से निपटाया गया। 1,05,328 सिविल और अन्य मामलों के साथ-साथ 1,988 राजस्व से जुड़े मामलों का भी निष्पादन हुआ।
न्यायालय कर्मियों और PLV का रहा सराहनीय योगदान
इस आयोजन को सफल बनाने में न्यायालय कर्मियों, पैरा लीगल वालंटियर्स (PLV) और प्रशासन का योगदान सराहनीय रहा। इनके प्रयासों से गढ़वा में न्याय को गति मिली और नागरिकों के लिए राहत और भरोसे का माहौल तैयार हुआ।
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