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Patna : बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी ‘बिहार अधिकार यात्रा’ फिलहाल कुछ समय के लिए रोक दी है। खगड़िया तक पहुंच चुकी इस यात्रा को उन्होंने बीच में छोड़कर पटना की राह पकड़ी। इसकी वजह पटना के SKM हॉल में आयोजित एक विशेष सम्मेलन को बताया जा रहा है, जहां धानुक समुदाय से जुड़ा एक बड़ा आयोजन हो रहा है। तेजस्वी यादव इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद फिर से खगड़िया लौटेंगे और वहां से यात्रा को आगे बढ़ाते हुए मधेपुरा की ओर रवाना होंगे।
तेजस्वी यादव की यह यात्रा बेगूसराय से शुरू हुई थी। यात्रा के दौरान वह लगातार जनता से संवाद कर रहे हैं और जनसभाओं के माध्यम से नीतीश सरकार पर तीखे हमले बोल रहे हैं। साहेबपुर कमाल में आयोजित एक सभा में उन्होंने कहा कि ‘बिहार अधिकार यात्रा’ सिर्फ एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि बदलाव की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महिलाओं के सम्मान के लिए है। उनका दावा है कि जब वह सत्ता में थे, तब उन्होंने 3.5 लाख युवाओं को रोजगार दिया, और अगर दोबारा सरकार बनी तो हर हाथ को काम मिलेगा।
तेजस्वी ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिहार में बिना घूस दिए आज कोई भी काम नहीं हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बदलाव के लिए एकजुट हों और एक बेहतर बिहार के लिए तैयार रहें।
इस बीच, भाजपा की ओर से तेजस्वी पर राजनीतिक हमले भी शुरू हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा कि वह बेचारे हैं, जिन्हें यह भी समझ नहीं आया कि राहुल गांधी ने उनका कितना नुकसान कर दिया। गिरिराज ने कहा कि कांग्रेस का खुद कोई आधार नहीं बचा है, और आरजेडी उसी कमजोर कंधे पर टिकी हुई है। उन्होंने तेजस्वी की यात्रा को एकतरफा शक्ति प्रदर्शन करार दिया।
तेजस्वी यादव की यात्रा जब मोकामा पहुंची, तो उसका रंग कुछ और ही था। यह क्षेत्र बाहुबली नेता अनंत सिंह का गढ़ माना जाता है, लेकिन तेजस्वी ने यहां अनोखा संदेश देने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “जब कुछ लोग बंदूक बांट रहे हैं, हम कलम बांट रहे हैं।” उनके इस बयान को शिक्षा और विकास को प्राथमिकता देने वाले संदेश के रूप में देखा गया। मोकामा में उन्होंने घोड़े की सवारी भी की, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
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