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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के छोटे-से गांव ईशाकपुर में शुक्रवार की सुबह अचानक हलचल मच गई। खेतों में काम करने वाले हाथ और स्कूल जाते बच्चे उस वक्त ठिठक गए जब पुलिस की गाड़ियां गांव की गलियों में दाखिल हुईं। आम दिनों की तरह शांत रहने वाला यह गांव उस सुबह एक सच्चाई से रूबरू हुआ…. नशे का गंदा धंधा उनकी बस्ती की चौखट तक पहुंच चुका था।
चुप्पे गांव में छुपा खतरा
ईशाकपुर के लोग कहते हैं, यहां जीवन हमेशा सादगी भरा रहा है। लेकिन बीते कुछ महीनों में अंधेरा धीरे-धीरे फैल रहा था। खेतों और गलियों की चुप्पी के बीच कुछ घरों तक नशे का जहर पहुंच चुका था। स्थानीय लोग तो फुसफुसाकर इसकी चर्चा करते, पर खुलकर सामने आने से डरते थे। एसडीपीओ दयानंद आजाद ने मीडिया को बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में ब्राउन शुगर का कारोबार चल रहा है। हमने तुरंत कार्रवाई की, ताकि यह जहर और न फैल सके।
रंगे हाथ पकड़ा गया तस्कर
छापामारी के दौरान पुलिस ने गांव के ही मो सफीकुल शेख को रंगे हाथ दबोच लिया। उसके पास से 36 पुड़िया ब्राउन शुगर और एक बिना नंबर की बाइक बरामद हुई। डीएसपी ने कहा कि यह सिर्फ एक तस्कर की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि उन बच्चों और युवाओं को बचाने का कदम है जो नशे की गिरफ्त में जा सकते थे। डीएसपी ने साफ-साफ और सख्त लहजे में कह दिया कि नशे का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लोगों से पुलिस की अपील
कार्रवाई के बाद डीएसपी ने लोगों से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल पुलिस की नहीं है। हर नागरिक को आगे आकर नशे के खिलाफ आवाज उठानी होगी। समाज तभी सुरक्षित रह सकता है, जब हम सब मिलकर इस जहर को रोकें।
छापामारी दल की हिम्मत
इस कार्रवाई में थानेदार गौरव कुमार, एसआई अजय कुमार उपाध्याय, हवलदार मदन कुमार पांडा और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। उनकी तत्परता और हिम्मत ने ईशाकपुर को उस खतरे से बचा लिया, जो धीरे-धीरे गांव के बच्चों के भविष्य को निगल सकता था।
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