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Garhwa/Sasaram : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के नामांकन के अंतिम दिन सासाराम में एक राजनीतिक भूचाल आया। महागठबंधन के RJD प्रत्याशी सत्येंद्र साह जैसे ही नामांकन दाखिल कर बाहर निकले, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी का मामला 2004 की गढ़वा SBI बैंक डकैती से जुड़ा है।
2004 की डकैती, जिसने सबको हिला दिया था
सत्येंद्र साह पर इल्जाम है कि 6 दिसंबर 2004 को गढ़वा थाना क्षेत्र के चिरौंजिया मोड़ के पास बैंक कर्मचारियों और सशस्त्र गार्ड से दस लाख रुपये लूटने की घटना में उन्होंने भाग लिया। उस दिन दो बाइक पर सवार छह हथियारबंद अपराधियों ने बैंक गार्ड पर गोली चलाकर उन्हें घायल किया और कैश बैग लूटकर फरार हो गए। उनके खिलाफ IPC की धारा 395 (डकैती), 397 (हथियार से लूट का प्रयास) और 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
2018 से जारी थी स्थायी वारंट
गढ़वा एसपी अमन कुमार ने बताया कि सत्येंद्र साह लंबे समय से फरार थे। उनके खिलाफ 2018 से स्थायी वारंट जारी था। साल 2023 में उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका भी दाखिल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
नामांकन के तुरंत बाद दबोच ली पुलिस
सोमवार को सत्येंद्र साह ने सासाराम में निर्वाची पदाधिकारी के दफ्तर में नामांकन दाखिल किया। जैसे ही वह बाहर निकले, रोहतास जिले की करहगर थाना पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें गढ़वा पुलिस को सौंपा गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
जमानत पर अनिश्चितता और न्यायालय की बंदी
सत्येंद्र साह अब न्यायिक हिरासत में हैं। चूंकि कोर्ट पर्व-त्योहारों के कारण 28 अक्टूबर तक बंद है, इसलिए उनकी जमानत पर सुनवाई बाद में ही हो सकेगी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने गढ़वा और सासाराम दोनों क्षेत्रों के राजनीतिक माहौल को हिला दिया है। 21 साल पुराने और गंभीर मामले में प्रत्याशी की गिरफ्तारी महागठबंधन की छवि पर असर डाल सकती है और चुनाव प्रचार में भारी नुकसान हो सकता है।
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