अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) ने पटना स्थित शेखपुरा हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने उनकी पार्टी के प्रत्याशियों को धमकाकर और दबाव डालकर नामांकन वापस कराने की कोशिश की है। पीके ने इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान पर भी सीधे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा जन सुराज से डर गई है, और अब उनके प्रत्याशियों को बरगलाने और धमकाने का खेल खेल रही है।
दानापुर से पहला मामला – प्रत्याशी को गृह मंत्री के पास बैठाया गया
प्रशांत किशोर ने बताया कि दानापुर से जन सुराज ने स्थानीय व्यवसायी अखिलेश उर्फ मुकुल शाह को टिकट दिया था। लेकिन नामांकन के दिन वे नहीं पहुंचे। भाजपा समर्थक यह कहते रहे कि उन्हें राजद के गुंडों ने बंधक बना लिया है, लेकिन बाद में उनकी तस्वीर अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के साथ सामने आई। पीके ने सवाल उठाया – “एक सामान्य व्यवसायी को देश का गृह मंत्री बुलाकर बैठा लेता है, तो वो क्या करेगा? चुनाव आयोग क्यों चुप है?”
ब्रह्मपुर का मामला – धर्मेंद्र प्रधान के साथ तस्वीरें वायरल
प्रशांत किशोर ने बक्सर के ब्रह्मपुर सीट से प्रत्याशी डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यह प्रत्याशी जन सुराज से टिकट लेकर तीन दिन तक प्रचार करते रहे, लेकिन अचानक नामांकन वापस ले लिया। पीके ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान उनके घर जाकर मिले और दबाव बनाकर नामांकन वापस कराया गया।
गोपालगंज प्रत्याशी भी दबाव में आए
तीसरा मामला गोपालगंज का है। यहां जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. शशि शेखर सिन्हा, जो स्थानीय नेता रघुनाथ पांडेय के दामाद हैं, ने भी अचानक नामांकन वापस ले लिया। पीके ने कहा, “उन्होंने पहले कॉल कर बताया कि भाजपा नेता दबाव बना रहे हैं, लेकिन बाद में फोन बंद कर लिया और नामांकन वापस ले लिया।”
14 प्रत्याशियों पर दबाव, 3 टूटे – 240 अभी डटे
पीके ने कहा कि जन सुराज के 14 प्रत्याशियों को धमकाया गया है, जिनमें से तीन ने दबाव में आकर नामांकन वापस लिया, लेकिन 240 उम्मीदवार अभी भी मजबूती से डटे हुए हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा की छवि बन गई है कि कोई भी जीते, सरकार वही बनाएगी। लेकिन इस बार जनता जन सुराज के साथ है।”
चुनाव आयोग से सवाल
प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग से पूछा, “क्या यह लोकतंत्र है कि गृह मंत्री और केंद्रीय मंत्री प्रत्याशियों से मिलें और उन पर दबाव डालें?”
उन्होंने कहा कि जन सुराज इस पूरे मामले की औपचारिक शिकायत चुनाव आयोग से करेगा।
इसे भी पढ़ें : मंत्री सुदिव्य के बयान पर राजद की तीखी आपत्ति, कैलाश बोले- धूर्त कहना अपमानजनक

