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News Samvad : कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली 2025 पर देशभर में ₹6.05 लाख करोड़ का रिकॉर्ड कारोबार हुआ। इसमें ₹5.40 लाख करोड़ का वस्तु व्यापार और ₹65,000 करोड़ का सेवा व्यापार शामिल है। यह पिछले वर्ष के ₹4.25 लाख करोड़ की तुलना में 25% की वृद्धि है, जो अब तक का सबसे बड़ा त्योहारी कारोबार है।
छोटे व्यापारियों और पारंपरिक बाजारों का दबदबा
कैट प्रमुख प्रवीन खंडेलवाल के अनुसार, 85% योगदान गैर-कॉरपोरेट और पारंपरिक बाजारों का रहा। यह भारतीय खुदरा व्यापार और छोटे व्यापारियों की शानदार वापसी का संकेत है। ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों से 28% बिक्री दर्ज की गई, जिससे 50 लाख अस्थायी रोजगार भी सृजित हुए।
वोकल फॉर लोकल’ का असर, चीनी वस्तुओं की मांग घटी
खंडेलवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी दीपावली’ आह्वान ने उपभोक्ताओं को गहराई से प्रभावित किया। 87% ग्राहकों ने भारतीय वस्तुएं खरीदीं, जिससे चीनी उत्पादों की मांग में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। भारतीय वस्तुओं की बिक्री पिछले साल की तुलना में 25% बढ़ी।
क्षेत्रवार बिक्री और जीएसटी राहत का असर
कैट अध्यक्ष बी.सी. भरतिया ने बताया कि दिवाली बिक्री में किराना एवं FMCG 12%, सोना–चांदी 10%, इलेक्ट्रॉनिक्स 8%, रेडीमेड परिधान 7% आदि सेक्टर प्रमुख रहे।
72% व्यापारियों ने माना कि जीएसटी दरों में राहत से उपभोक्ता मांग बढ़ी। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेडर कॉन्फिडेंस इंडेक्स 8.6/10 और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस 8.4/10 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
कैट ने सरकार को दिए सुझाव
खंडेलवाल ने कहा कि सरकार को जीएसटी प्रक्रिया सरल करने, क्रेडिट पहुंच आसान बनाने, डिजिटल पेमेंट को प्रोत्साहन देने और टियर-2 व टियर-3 शहरों में लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने की जरूरत है। रिपोर्ट में ‘स्वदेशी अभियान’ को स्थायी आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है।
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