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Ranchi : रांची के मोरहाबादी मैदान में हलचल तेज है। मंच की रूपरेखा तय हो रही है। हर ओर एक ही उत्साह दिख रहा है… “झारखंड स्थापना दिवस 2025” को कुछ अलग, कुछ खास बनाना है। इस साल 15 नवंबर को झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। 2000 में बने इस राज्य ने विकास, संघर्ष और अस्मिता की एक लंबी यात्रा तय की है। गांवों से लेकर शहरों तक, हर जगह एक ही सवाल गूंज रहा है… “इस बार स्थापना दिवस कैसे मनाया जाएगा?” राज्य सरकार ने तय किया है कि यह साल केवल जश्न का नहीं, बल्कि झारखंड की गौरवशाली विरासत और विकास यात्रा को सम्मान देने का होगा। इसी सोच के साथ राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में होने वाले मुख्य समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं।
वंदना दादेल की अगुवाई में सधे कदमों से तैयारी
शुक्रवार की दोपहर, गृह विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल जब मोरहाबादी मैदान पहुंचीं तो हर जिम्मेदार अधिकारी उनके साथ था। उनकी निगाहें हर व्यवस्था पर थीं… मंच से लेकर सुरक्षा घेराबंदी तक। उन्होंने एक-एक अधिकारी से योजनाओं की प्रगति जानी और कहा, “यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, झारखंड की आत्मा का उत्सव है। इसे यादगार बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।” उनके मुख से निकले बोल ने मौजूद हर अधिकारी को नए जोश से भर दिया।
11 नवंबर से शुरू होगा राज्यव्यापी उत्सव
वंदना दादेल ने बताया कि इस साल स्थापना दिवस को एक सप्ताह तक चलने वाले उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। 11 नवंबर से ही सभी जिलों, प्रखंडों, पंचायतों, स्कूलों और कॉलेजों में झारखंड की संस्कृति और परंपरा को समर्पित विभिन्न कार्यक्रम शुरू होंगे। 15 नवंबर को मुख्य समारोह में कई कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। मंच पर जहां नृत्य, संगीत और लोकगीतों से झारखंड की आत्मा झलकेगी, वहीं राज्य के विकास की उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी सजेगी।
हर व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर
कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रशासन पूरी सतर्कता से जुटा है। मंच निर्माण, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा घेराबंदी, यातायात प्रबंधन, अतिथि स्वागत, मीडिया सेंटर, स्वच्छता और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं पर खुद वरिष्ठ अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। वंदना दादेल ने साफ कहा, “हर तैयारी समय पर पूरी होनी चाहिए। कोई भी कमी पूरे राज्य की छवि से जुड़ी है।”
ये अधिकारी रहे मौजूद
उनके साथ निरीक्षण के दौरान सचिव वाणिज्य कर अमिताभ कौशल, कल्याण सचिव कृपानंद झा, खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा, आदिवासी कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी, आईपीआरडी निदेशक राजीव लोचन बख्शी, और रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री भी मौजूद थे।
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