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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ में सुबह से ही माहौल में भक्ति की मिठास घुली हुई थी। सड़कें फूलों से सजीं, घरों के दरवाज़ों पर तोरण बांधे गए और हर तरफ़ “श्याम बाबा की जय” के स्वर गूंज रहे थे। यह दिन था खाटू श्याम बाबा के जन्मोत्सव का। एक ऐसा त्योहार, जो सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि पूरे समुदाय को एक सूत्र में पिरो देता है। मारवाड़ी समाज के लोग सुबह से ही तैयारी में जुट गए थे। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चे, माथे पर तिलक लगाए पुरुष और चुनरी ओढ़े महिलाएं, सबकी आंखों में एक ही चमक थी… भक्ति की। जब शोभायात्रा निकली, तो ऐसा लगा मानो पूरा शहर थिरक उठा हो। श्रीकृष्ण, राधा, भगवान शिव और कई अन्य रूपों में सजे कलाकारों ने यात्रा को एक जीवंत झांकी में बदल दिया।
खाटू श्याम के रंग में रंग गया पाकुड़, देखें भव्य नजारा pic.twitter.com/CKYzS9mgYL
— News Samvad (@newssamvaad) November 2, 2025
भक्ति गीतों की धुन पर जब महिलाएं थिरकने लगीं, तो माहौल और भी दिव्य हो गया। लोग घरों की छतों से फूल बरसाते रहे, बच्चे हाथ जोड़कर प्रणाम करते दिखे। शिव शीतला मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान शांति का अद्भुत अनुभव था। मंदिर में अगरबत्तियों की खुशबू, शंख की गूंज और दीपों की रौशनी ने वातावरण को और पवित्र बना दिया। पुरोहित ने विधिवत पूजा संपन्न कराई और सभी ने बाबा से सुख-समृद्धि की कामना की। मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष पूरण डोकानिया कहते हैं, “यह सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे समुदाय के एकजुटता का प्रतीक है। हर साल हम सभी मिलकर बाबा के जन्मोत्सव को ऐसे ही हर्षोल्लास से मनाते हैं।”
पूजा के बाद महाभोग का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। किसी के हाथ में फूल थे, तो किसी के चेहरे पर भक्ति की मुस्कान… पर सभी के मन में एक समान भाव था, आस्था और अपनापन।
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