अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : शहर सो रहा था। चौक-चौराहों पर सिर्फ स्ट्रीट लाइटें जल रही थीं। घरों की खिड़कियां बंद थीं। लेकिन उसी रात एक पुलिस अधिकारी की आंखों में नींद नहीं थी। वर्दी के भीतर निर्णय की कड़ाई और चेहरे पर एक शांत दृढ़ता… यह वही रात थी जब कोतवाली DSP प्रकाश सोय ने अपनी टीम के साथ सुखदेवनगर में ब्राउन शुगर के एक और बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।
सूचना मिली, लेकिन इस बार जिम्मेदारी बड़ी थी
रात करीब दस बजे रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन को इंफॉर्मेशन मिली कि सुखदेवनगर में नशा बेचने का काम चल रहा है। इसके बाज एसएसपी ने आगे का टास्क नशे का जानी दुश्मन माने जाने वाले अधिकारी डीएसपी प्रकाश सोय को सौंपा। डीसपी प्रकाश सोय ने टास्क सुना और तुरंत फैसला किया… “आज की रात सिर्फ इंफॉर्मेशन इकट्ठा करने की नहीं है, कार्रवाई की है।” ऐसा लगा जैसे उन्हें पता था कि अगर देरी की गई तो यह जाल और फैल जाएगा।
कुम्हार टोली की तंग गलियों में जोखिम भरा कदम
कुम्हार टोली की गली के बाहर पुलिस की गाड़ी रुक गयी। , टीम अंदर पैदल गई। हर मोड़ पर अंधेरा था, हर दरवाजा बंद। लेकिन DSP प्रकाश सोय आगे-आगे चल रहे थे, जैसे उन्हें पता हो कि इस रास्ते का हर मोड़ कहां ले जा रहा है। अमित सोनी के घर की छापामारी की गयी। अमित सोनी अपने घर में मौजूद था। पुलिस ने अलमारी खोली तो कपड़ों के बीच से 20.58 ग्राम ब्राउन शुगर मिले। अमित की आंखें झुकी थी। पूछने पर उसका जवाब था, “सासाराम से लाता हूं… यहां बेच देता हूं। कपड़ों के बीच छिपी 20.58 ग्राम ब्राउन शुगर जब मिली तो टीम के जवानों की आंखें हैरानी से फैल गईं। लेकिन प्रकाश सोय शांत थे। उन्होंने हौले से हस इतना कहा… “यह शुरुआत है।”

रातू रोड की गली में दूसरा ऑपरेशन
अमित की जानकारी ने पूरी दिशा बदल दी। अब टारगेट था रातू रोड की अखिल मेमोरियल स्कूल गली। समय था रात के ढाई बजे। पूरी गली नींद में डूबी थी, पर डीएसपी प्रकाश सोय की चाल तेज थी। उन्हें पता था कि यह कार्रवाई लंबी हो सकती है। रेड की गयी, घर के अंदर अनिकेत उर्फ सिनु और उसका भाई सोनू मिले। दोनों की पैंट से ब्राउन शुगर के पैकेट निकले।

अंधेरे कमरे में मिली अनीशा और बिस्तर में छिपे लाखों रुपये
जब तलाशी आगे बढ़ी तो एक कमरे में अनीशा कुमारी उर्फ अन्नु सोती हुई मिली। महिला एएसआई पुष्पम कुमारी ने उठाया तो पहले उसने उठने से ही मना कर दिया। लेकिन डीएसपी प्रकाश सोय ने बिना आवाज ऊंची किए सिर्फ इतना कहा… बिस्तर हटाइए। फिर जब बिस्तर का कंबल हटाया गया, तो उसके साथ चुपचाप सो रहा था 5 लाख 82 हजार रुपये कैश। अनीशा का चेहरा उस कमरे में सबसे ज्यादा बोझिल था। उसने कबूल किया कि यह पैसा ब्राउन शुगर बेचकर ही जुटाया गया है। वह भी इस धंधे का हिस्सा है।

रात भर चली ऑपरेशन
DSP प्रकाश सोय की टीम ने रात से सुबह तक बिना रुके कार्रवाई की। हर कमरे की तलाशी, हर जवाब का इंतजार, हर शक की जांच। और फिर रात खत्म होने तक 33.18 ग्राम ब्राउन शुगर, 5.82 लाख रुपये, एक स्कॉर्पियो और एक स्कूटी जब्त किए गए। वहीं, कुल चार लोग गिरफ्तार हुए। गिरफ्तार लोगों के नाम अनिकेत कुमार उर्फ सिनु, उसकी पत्नी अनीशा कुमारी उर्फ अन्नु, अमित कुमार सोनी उर्फ अमित सोनी और सोनू कुमार बताये गये।
नशे के इस बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने के बाद डीएसपी प्रकाश सोय की आंखों में सुकून था, लेकिन संतोष नहीं। उन्होंने जाते-जाते कहा- हमने एक ठिकाना पकड़ा है, पर असली लड़ाई अभी बाकी है।
इनकी भूमिका रही सराहनीय
नशे का गंदा धंधा करने वाले पति-पत्नी, देवर समेत चार लोगों को दबाचने में डीएसपी प्रकाश सोय, डीएसपी प्रभात कुमार बेक, सुखदेवनगर थानेदार इंस्पेक्टर सुनिल कुमार कुशवाहा, महिला एएसआई पुष्पम कुमारी, एसआई बजरंग टोप्पो, बबलू बेसरा, अमित कुमार और एएसआई बिनोद सोनी की भूमिका सराहनीय रही।

इसे भी पढ़ें : सिर्फ नौ महीने की शादी और जवान की संदिग्ध मौ’त, पूरे गांव में सन्नाटा



