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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के बाजार समिति प्रांगण में जिला स्तरीय किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। डीसी मनीष कुमार, संयुक्त कृषि निदेशक संथाल परगना और जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक और लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाना है।
कृषि केवल आजीविका नहीं, हमारी पहचान
डीसी मनीष कुमार ने कहा कि भोजन तक अन्न पहुंचाने में किसानों की मेहनत और प्रकृति की कृपा जुड़ी है। उन्होंने बताया कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है।
आधुनिक तकनीक और नवाचार का प्रदर्शन
कृषि मेले में आधुनिक कृषि उपकरण, सोलर आधारित यंत्र और तकनीकी समाधान प्रदर्शित किए गए। ड्रोन तकनीक और वैकल्पिक कृषि जैसे पशुपालन, मत्स्य पालन, पुष्प उत्पादन, मसाला खेती और बागवानी पर विशेष ध्यान दिया गया।

पाकुड़ जिले की कृषि विविधता
उपायुक्त ने बताया कि जिले के विभिन्न प्रखंड विशिष्ट कृषि उत्पादों के लिए जाने जाते हैं। हिरणपुर में काजू की खेती इस बात का उदाहरण है कि कृषि को व्यावसायिक और लाभकारी बनाया जा सकता है।
फसल विविधीकरण और आय वृद्धि
डीसी ने किसानों से अपील की कि वे एक फसल पर निर्भर न रहें। धान, गेहूं, दलहन और सब्जी जैसी फसलें अपनाकर वे आय बढ़ा सकते हैं और भूमि का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।
धान अधिप्राप्ति और भुगतान प्रक्रिया
राज्य सरकार धान अधिप्राप्ति केंद्रों के माध्यम से किसानों को उचित मूल्य दे रही है। 4G POS मशीनों से पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है और भुगतान 48 घंटे में सीधे खाते में किया जा रहा है।
कृषि को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना लक्ष्य
जिला प्रशासन का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को लाभकारी बनाना है। ऐसे कृषि मेले किसानों को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने में मदद करते हैं।
संयुक्त कृषि निदेशक की बातें
संयुक्त कृषि निदेशक ने कहा कि मेला किसानों के लिए एकीकृत मंच है। मिट्टी, जल और बीज तीन प्रमुख आधार हैं, जिनमें सरकार किसानों को समर्थन देती है।
निःशुल्क मृदा जांच और मिट्टी सुधार योजना
किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिए जा रहे हैं और अम्लीय मिट्टी सुधार हेतु डोलोमाइट का वितरण किया जा रहा है।
योजनाओं की जानकारी और वितरण
किसानों को बीज वितरण योजना, बिरसा फसल विस्तार योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन और PMKSY की जानकारी दी गई। टपक सिंचाई प्रणाली 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम में तीन किसानों को 2 एचपी सोलर पंप, दो किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड और 2 समूहों को मिनी ट्रैक्टर वितरित किया गया।
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