अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Pakur (Jaydev Kumar) : 28 दिसंबर की रात पाकुड़ रेलवे स्टेशन के पास का इलाका गहरी नींद में था। सहायक अभियंता राणा प्रताप यादव अपने परिवार के साथ रोज की तरह घर में सो रहे थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह रात उनके लिए डर और चिंता की लंबी कहानी छोड़ जाएगी। सुबह जब दरवाजा टूटा मिला और अलमारी खाली दिखी, तो घर का सन्नाटा चीख बनकर सामने आ गया। घर में रखे जेवर और जमा पूंजी के साथ सुरक्षा का भरोसा भी टूट चुका था। परिवार सदमे में था। बच्चों की आंखों में डर था और घर की महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही थीं। इसी हालत में मामला पाकुड़ नगर थाना पहुंचा।
भरोसा लौटाने की चुनौती
चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस के सामने सिर्फ एक केस सुलझाने की नहीं, बल्कि टूटे भरोसे को लौटाने की चुनौती थी। एसपी निधि द्विवेदी के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल का गठन किया गया। टीम ने इलाके में चुपचाप काम शुरू किया। संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई गई।
एक गुप्त सूचना और दबोचे गये संदेही
30 दिसंबर की रात एसपी निधि द्विवेदी को सूचना मिली कि हरिणडांगा मैदान में कुछ लोग जमा होकर किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे हैं। देर किए बिना SIT ने छापेमारी की। अंधेरी रात में हुई इस कार्रवाई ने एक और चोरी होने से पहले ही अपराध की साजिश तोड़ दी। मौके से तीन युवक पकड़े गए। उनके हाथों में औजार थे, जिनसे वे दरवाजे और ताले तोड़ते थे। एक साथी भागने में सफल रहा, लेकिन पुलिस ने बाकी तीनों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार उचक्कों के नाम मुन्ना असारी उर्फ मुन्ना मोबाइल, सद्दाम अंसारी और अफरोज अंसारी उर्फ सलीम अंसारी बताये गये। सभी पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
कबूल किया गुनाह
पूछताछ के दौरान तीनों ने सहायक अभियंता के क्वार्टर में चोरी करने की बात कबूल की। उनके बताए ठिकानों से चोरी किए गए चांदी के जेवर और कैश बरामद हुए। जब यह खबर पीड़ित परिवार तक पहुंची, तो उनके चेहरे पर राहत साफ दिखी। परिवार ने कहा कि जेवर और पैसे से ज्यादा जरूरी था यह जानना कि अपराधी पकड़े गए हैं।
डर से भरोसे तक
इस घटना ने इलाके के लोगों को भी झकझोर दिया था। रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाले परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद माहौल बदला। लोगों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की और कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी।
अपराध की पुरानी परछाईं
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। वे पहले भी चोरी और अन्य मामलों में जेल जा चुके हैं। यह जानकारी इस बात की ओर इशारा करती है कि अपराध सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ी एक लगातार चुनौती है। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध पर लगाम लगाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां लगातार चलती रहेंगी।
इसे भी पढ़ें : बायोमेट्रिक में हाजिर, दफ्तर से नदारद… फिर डीसी ने लिया कड़ा एक्शन



