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Patna : बिहार परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की लंबित मामलों को निपटाने में तेज रफ्तार पकड़ी है। परिवहन और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि राज्य में प्रतिदिन औसतन 1,841 ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं, जबकि 3,731 वाहनों का निबंधन हो रहा है।
प्रतीकात्मक प्रमाणपत्र वितरण और किताब का विमोचन
मंत्री बुधवार को जिला परिवहन कार्यालय पहुंचे, जहां पटना और नवादा के सफल आवेदकों को सांकेतिक रूप से डीएल और आरसी सौंपे गए। इसी कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा नियमों पर आधारित एक किताब का विमोचन भी किया गया। सभी जिलों के डीटीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे और अपने जिलों में टेस्ट पास करने वाले आवेदकों को प्रमाणपत्र दिए। बाकी आवेदकों को डीएल और आरसी स्पीड पोस्ट से घर भेजे जाएंगे।
मिशन मोड में काम का असर दिखा
मंत्री ने कहा कि डीएल और आरसी की पेंडेंसी विभाग के लिए बड़ी चुनौती थी, जिससे आम लोगों और रोजगार से जुड़े युवाओं को परेशानी हो रही थी। इसे देखते हुए मिशन मोड में काम, लगातार निगरानी और विशेष अभियान चलाए गए। इसका नतीजा अब साफ दिख रहा है और पेंडेंसी तेजी से घट रही है।
सड़क सुरक्षा माह और स्कूल बसों की जांच
सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 1 जनवरी से 31 मार्च तक सड़क सुरक्षा माह मनाया जाएगा। इस दौरान छात्रों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा 1 से 15 जनवरी तक सभी निजी विद्यालयों की बसों की सघन जांच होगी। बस चालकों के डीएल और सड़क सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। डीएल कार्ड जारी करने वाली एजेंसी के काम की भी समीक्षा होगी।
एक महीने में तीन लाख से ज्यादा आरसी जारी
परिवहन मंत्री ने बताया कि बिहार में अब तक 1 करोड़ 52 लाख से ज्यादा वाहन निबंधित हैं और 1 करोड़ 30 लाख से अधिक लोगों के पास लाइसेंस है। नवंबर में आरसी के 1 लाख 38 हजार से ज्यादा मामले लंबित थे। 30 दिसंबर तक 3 लाख 73 हजार से अधिक आवेदन मिले, जिनमें से 3 लाख 43 हजार से ज्यादा आरसी जारी कर दिए गए। अब सिर्फ करीब 30 हजार मामले बाकी हैं।
डीएल के मामले में भी बड़ी प्रगति हुई है। नवंबर में 56 हजार से ज्यादा मामले लंबित थे। नए आवेदनों के साथ मिलाकर अब तक 84 हजार से ज्यादा लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं और शेष मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जा रहा है।
जनता के भरोसे की उपलब्धि
मंत्री ने विभागीय टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि जनता के भरोसे की उपलब्धि है। आगे किसी भी तरह की पेंडेंसी नहीं रहने दी जाएगी। समय पर डीएल मिलने से टैक्सी, ऑटो, ई रिक्शा और मालवाहक वाहन चालकों को राहत मिलेगी। दुर्घटना की स्थिति में बीमा और मुआवजा पाने में भी आसानी होगी।
बिहारशरीफ में पिंक बस सेवा की शुरुआत
कार्यक्रम में बीएसआरटीसी के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि 1 जनवरी से बिहारशरीफ में दो पिंक बसें शुरू होंगी। इसके साथ ही पटना, राजगीर और ककोलत रूट पर डीलक्स बसें चलाई जाएंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए छह प्रमंडलों में बस डिपो बनाए जा रहे हैं और 194 नई बसें मंगाई जा रही हैं, जिन्हें अंतरराज्यीय मार्गों पर चलाया जाएगा।
कार्यक्रम में रहे ये अधिकारी
इस मौके पर अपर सचिव प्रवीण कुमार, कृत्यानंद रंजन, उप सचिव अरुणा कुमारी, कुमारी अर्चना, प्रशासन प्रमुख सुभाष नारायण, पटना डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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