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Patna : बिहार में कड़ाके की ठंड से फिलहाल राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। खासकर सुबह और रात के समय ठिठुरन ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। आम जनजीवन पर ठंड का सीधा असर देखने को मिल रहा है।
सबौर बना प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका
बीते 24 घंटों में भागलपुर जिले का सबौर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा शेखपुरा, मुंगेर, गया, औरंगाबाद, बक्सर, सासाराम, अरवल, नालंदा, पूर्णिया, किशनगंज, फारबिसगंज, मधुबनी, सुपौल, मधेपुरा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सिवान, सारण, वाल्मीकिनगर, मोतीहारी, समस्तीपुर, पटना और वैशाली सहित कई जिलों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।
सड़कों पर सन्नाटा, कमजोर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
लगातार पड़ रही ठंड के कारण सुबह और देर रात सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ नजर आ रहा है। बच्चों, दिहाड़ी मजदूरों और बुजुर्गों को ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
अस्पतालों में बढ़े सर्दी के मरीज
ठंड बढ़ने के साथ अस्पतालों में सर्दी, खांसी और श्वसन से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन की अपील
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे शीतलहर का असर तेज होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से गर्म कपड़े पहनने, सुबह और रात में बाहर निकलने से बचने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है।
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