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Ramgarh (Dharmendra Pradhan, Bhurkunda) : भुरकुंडा के बाबा होटल में जब सुढ़ी समाज के लोग एक साथ जुटे, तो माहौल किसी औपचारिक बैठक जैसा नहीं बल्कि अपनेपन से भरा था। चेहरे पर अपनापन, बातों में चिंता और आंखों में समाज को आगे बढ़ाने का सपना साफ दिख रहा था। बलकुदरा से लेकर पतरातू तक फैले सुढ़ी समाज के बुजुर्ग, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता एक ही सवाल पर चर्चा कर रहे थे कि आने वाली पीढ़ी को कैसे जोड़ा जाए और समाज की पहचान को कैसे मजबूत किया जाए।
पुरानी यादों से नई पहल तक
बैठक के दौरान कई बुजुर्गों ने पुराने समय के उन दिनों को याद किया, जब समाज के लोग हर सुख-दुख में एक साथ खड़े रहते थे। उन्हीं यादों से प्रेरणा लेकर पारिवारिक मिलन समारोह सह वनभोज का विचार सामने आया। चर्चा के बाद सर्वसम्मति से तय हुआ कि 8 फरवरी को पतरातू डैम के खुले और प्राकृतिक माहौल में यह आयोजन किया जाएगा, ताकि परिवार के साथ समाज का हर व्यक्ति एक-दूसरे से खुलकर मिल सके।
बच्चों और युवाओं पर खास फोकस
इस बैठक में सिर्फ मिलने-जुलने की बात नहीं हुई, बल्कि भविष्य की नींव पर भी चर्चा हुई। समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को हर साल सम्मानित करने का निर्णय लिया गया, ताकि बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़े। वहीं नौकरी में चयनित सुढ़ी समाज के महिला और पुरुषों को मंच पर सम्मान देकर युवाओं को प्रेरणा देने की बात कही गई।
एक छत के सपने ने जोड़ा समाज
बैठक में सुढ़ी भवन निर्माण का मुद्दा भी भावनात्मक रूप से उठा। कई लोगों ने कहा कि समाज का अपना भवन केवल ईंट और सीमेंट नहीं होगा, बल्कि वह जगह होगी जहां रिश्ते पनपेंगे, विचार साझा होंगे और नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ेगी। इस प्रस्ताव पर समाज के लोगों ने एकजुट होकर आगे बढ़ने का भरोसा जताया।
सम्मान और सहभागिता का मंच
पारिवारिक मिलन समारोह में सांसद, राज्यसभा सांसद, विधायक, वरीय राजनेता और प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिकारी पद पर चयनित समाज के लोगों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि उनकी सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन सके।
तैयारी में जुटा समाज
कार्यक्रम की सफलता को लेकर उत्साह साफ नजर आया। इसी क्रम में 25 जनवरी को बलकुदरा और 1 फरवरी को सौन्दा बस्ती में अगली बैठक आयोजित करने का फैसला लिया गया, ताकि हर परिवार की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
सामूहिक नेतृत्व की मिसाल
बैठक की अध्यक्षता दीपक साहू ने की, जबकि संचालन संजय प्रसाद और अजय साहू ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर समाज के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम साहू सहित कई वरिष्ठ और युवा सदस्य मौजूद थे। सबकी राय एक जैसी थी कि समाज तभी आगे बढ़ेगा, जब हर व्यक्ति खुद को जिम्मेदार समझे।
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