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Ramgarh (Dharmendra Pradhan, Bhurkunda) : रामगढ़ के भुरकुंडा में मंगलवार का दिन कुछ बच्चों और उनके परिवारों के लिए यादगार बन गया। जिन हाथों में अब तक सिर्फ किताबें और कॉपियां थीं, उन्हीं हाथों में जब डेस्कटॉप कंप्यूटर, ड्रोन और एआई किट थमाई गई, तो आंखों में चमक साफ दिख रही थी। यह सम्मान केवल पुरस्कार नहीं था, बल्कि उस भरोसे की मुहर थी कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
सादा समारोह, गहरी भावनाएं
माइका की ओर से आयोजित ओलिंपियाड परीक्षा में राज्य स्तर पर बेहतर रैंक हासिल करने वाले श्री अग्रसेन स्कूल भुरकुंडा के विद्यार्थियों को एक सादे लेकिन भावनात्मक समारोह में सम्मानित किया गया। मंच पर बैठे बच्चे जितने उत्साहित थे, उतने ही गर्व से भरे उनके अभिभावक भी नजर आ रहे थे।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। माइका के सीईओ डॉ संजय जैन, ऑरेंज एजुकेशन के निदेशक विदित गुप्ता, विद्यालय के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया और प्राचार्य विवेक प्रधान ने जब बच्चों को पुरस्कार सौंपे, तो हर नाम के साथ तालियों की गूंज बढ़ती चली गई।
डेस्कटॉप, ड्रोन और एआई किट का सम्मान
ओलिंपियाड में शानदार प्रदर्शन करने वाले आठ विद्यार्थियों अफान रजा खान, साक्षी मुंडा, शिवांगी प्रसाद, अंकित कुमार उपाध्याय, आर्यन सिन्हा, आर्यन कुमार, शैलजा और अनुष्का कुमारी को डेस्कटॉप कंप्यूटर दिए गए। छह बच्चों को ड्रोन किट और 11 विद्यार्थियों को एआई किट मिली। कई बच्चों के लिए यह पहली बार था, जब उन्होंने तकनीक को इतने करीब से देखा।

बच्चों से सीधा संवाद
मुख्य अतिथि डॉ संजय जैन ने बच्चों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि ओलिंपियाड जैसी परीक्षाएं केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं होतीं। यह बच्चों की सोच, आत्मविश्वास और धैर्य की परीक्षा होती है। उन्होंने कहा कि सफलता किसी संयोग का नतीजा नहीं, बल्कि रोज की छोटी-छोटी मेहनत का परिणाम होती है।
प्रतिभा को मंच देने की जरूरत
विशिष्ट अतिथि विदित गुप्ता ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचान देती हैं। कई बार बच्चे खुद नहीं जानते कि वे कितना आगे जा सकते हैं, लेकिन ऐसे मंच उन्हें अपने सामर्थ्य का एहसास कराते हैं।
तकनीकी शिक्षा की ओर कदम
विद्यालय के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने बताया कि स्कूल का उद्देश्य केवल परीक्षा में नंबर लाना नहीं, बल्कि बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करना है। उन्होंने जानकारी दी कि जल्द ही विद्यालय में 125 कंप्यूटर से सुसज्जित कंप्यूटर लैब और एआई लैब शुरू की जाएगी, ताकि तकनीकी शिक्षा का लाभ हर विद्यार्थी तक पहुंच सके।
मंच से हटकर भी दिखा उत्साह
कार्यक्रम के दौरान मंच से हटकर भी कई छोटे-छोटे दृश्य मन को छू रहे थे। कोई छात्र अपने माता-पिता को पुरस्कार दिखा रहा था, तो कोई दोस्त के साथ भविष्य के सपनों पर चर्चा कर रहा था। शिक्षकों और अभिभावकों के चेहरे पर संतोष साफ झलक रहा था।
शिक्षकों और अभिभावकों की मौजूदगी
कार्यक्रम का संचालन साधना सिन्हा और कुमुल कुमार ने किया। मौके पर करुणा राजगढ़िया, मुख्तार सिंह, अंकित विश्वकर्मा, सोनम खातून, सोहेल अहमद सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और अभिभावक मौजूद रहे।
उम्मीदों को मजबूत करता संदेश
भुरकुंडा के इस छोटे से मंच पर उस दिन यह साफ संदेश दिया गया कि अगर बच्चों को सही दिशा, भरोसा और अवसर मिल जाए, तो वे किसी भी प्रतियोगिता में अपनी पहचान बना सकते हैं। यह समारोह सिर्फ सम्मान का नहीं, बल्कि उम्मीदों को मजबूत करने का अवसर बन गया।
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