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New Delhi : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में आम बजट 2026-27 पेश किया। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा कि सरकार का जोर विकास, समावेशन और सामाजिक सशक्तिकरण पर है। बजट में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और रोजगार से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की गईं।
बेटियों के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बेटियों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाना चाहती है। इसके लिए देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा। इन छात्रावासों से छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल सकेगा। माना जा रहा है कि इससे शिक्षा और नौकरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
बजट भाषण के दौरान महिला सशक्तिकरण को खास महत्व दिया गया। सरकार का मानना है कि सुरक्षित आवास और बेहतर सुविधाएं मिलने से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और आगे बढ़ेंगी। यह कदम खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों की छात्राओं के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
Delhi: Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says, “…In higher education, STEM institutions, prolonged hours of study, and collaborative laboratory work pose some challenges for girl students. Through VGF, viability gap funding and capital support, one girls’ hostel will be… pic.twitter.com/QyJxeznZN7
— IANS (@ians_india) February 1, 2026
उच्च शिक्षा के लिए एसटीईएम संस्थान
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बजट में नई पहल की गई है। सरकार साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स से जुड़े एसटीईएम इंस्टीट्यूट स्थापित करेगी। इन संस्थानों का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक और रोजगार से जुड़ी शिक्षा देना है ताकि वे भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार हो सकें।
शिक्षा से रोजगार तक स्थायी समिति
वित्त मंत्री ने बताया कि सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का मुख्य आधार बनाने के लिए ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ पर एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति गठित की जाएगी। इस समिति का लक्ष्य वर्ष 2047 तक वैश्विक सेवा क्षेत्र में भारत की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचाना है।
स्कूल और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब
एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने नई घोषणा की है। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज की मदद से देश के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी। इससे छात्रों को रचनात्मक और तकनीकी कौशल सीखने का अवसर मिलेगा।
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