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New Delhi : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। यह उनका नौवां बजट रहा। हर साल की तरह इस बार भी बजट भाषण खत्म होते ही लोगों की जुबान पर यही सवाल है कि उनके लिए क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा। जो लोग बजट की लाइव स्ट्रीमिंग नहीं देख पाए, उनके लिए यहां आसान भाषा में पूरा हिसाब बताया जा रहा है।
| सस्ता हुआ | महंगा हुआ |
|---|---|
| मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स | विदेशी शराब |
| मोबाइल पार्ट्स और चार्जर | शेयर बाजार में ट्रेडिंग (F&O) |
| इलेक्ट्रिक वाहन (EV) | लग्जरी विदेशी सामान |
| इलेक्ट्रिक टू व्हीलर और बैटरी | आयातित परफ्यूम |
| जेनेरिक और जीवन रक्षक दवाइयां | महंगे कपड़े |
| सोलर पैनल और सोलर लाइट | ब्रांडेड जूते |
| रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण | लग्जरी घड़ियां |
| लेदर उत्पाद | खनिज |
| फुटवियर | कोयला |
| बायोगैस और सीएनजी उपकरण | स्क्रैप |
बजट के बाद क्या-क्या हुआ सस्ता
इस बजट में कई ऐसी चीजें हैं जो आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी हैं और अब पहले के मुकाबले सस्ती हो सकती हैं।
मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स
मोबाइल पार्ट्स, पीसीबीए और कैमरा लेंस पर आयात शुल्क घटाया गया है। इससे स्मार्टफोन, चार्जर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक वाहन
लिथियम आयन बैटरी के कच्चे माल पर सीमा शुल्क में राहत दी गई है। इसका सीधा फायदा इलेक्ट्रिक कार और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की कीमतों पर पड़ेगा। बैटरी भी सस्ती होंगी।
दवाइयां और स्वास्थ्य
सरकार ने जेनेरिक और जीवन रक्षक दवाओं के उत्पादन को बढ़ावा दिया है। शुल्क में कटौती से कैंसर और गंभीर बीमारियों की दवाइयां आम लोगों के लिए सस्ती हो सकती हैं।
सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी
सोलर पैनल और सोलर सेल से जुड़े कंपोनेंट्स पर शुल्क कम किया गया है। अब घरों में सोलर प्लांट लगवाना और सोलर लाइट खरीदना आसान और सस्ता होगा।
लेदर और फुटवियर
चमड़े के सामान और जूतों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले इनपुट्स पर राहत दी गई है। इससे लेदर बैग और जूतों की कीमतों में गिरावट आ सकती है।
बायोगैस और सीएनजी
बायोगैस और उससे जुड़े उपकरणों पर रियायतें दी गई हैं। इससे ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा और इसकी लागत कम होगी।
बजट में क्या-क्या हुआ महंगा
कुछ फैसलों का असर सीधे आपकी जेब पर पड़ेगा और कुछ चीजें अब महंगी होंगी।
शेयर बाजार में ट्रेडिंग
फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में ट्रेडिंग करने वालों के लिए झटका है। सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी की गई है, जिससे शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना महंगा हो जाएगा।
विदेशी शराब
आयातित शराब पर शुल्क बढ़ा दिया गया है। इसका मतलब यह है कि विदेशी शराब अब पहले से ज्यादा महंगी मिलेगी।
लग्जरी विदेशी सामान
विदेशी ब्रांड्स के शौकीनों को भी झटका लगा है। परफ्यूम, महंगे कपड़े, ब्रांडेड जूते और लग्जरी घड़ियों पर आयात शुल्क बढ़ने से इनके दाम बढ़ेंगे।
कुल मिलाकर बजट का असर
इस बजट में सरकार ने आम जरूरत की चीजों को सस्ता करने और लग्जरी तथा सट्टा आधारित गतिविधियों को महंगा करने की कोशिश की है। मोबाइल, दवाइयों और ग्रीन एनर्जी से जुड़े फैसले आम लोगों को राहत देंगे, जबकि शेयर बाजार के ट्रेडर्स और लग्जरी सामान खरीदने वालों को ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
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