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Ranchi : “प्यार-मोहब्बत, रिश्ते-नाते, कसमें-वादे सब उसके वास्ते दिल्लगी निकली। जिस शख्स पर सबसे ज्यादा यकीन किया, उसने ही भरोसे का खून कर दिया। जिसकी चिकनी चुपड़ी बातों में आकर खुद को उसके हवाले कर दिया, वही छलिया निकला। सात साल तक जब मन किया मेरी अस्मत से खेला, जब शादी करने की बात कही, तो रुसवा कर छोड़ चला गया।” यह कहते हुए सिसक पड़ती है सीमा (बदला हुआ नाम)। सीमा का इल्जाम है कि एक फौजी ने उसकी जिंदगी तबाह कर दी। जीवनसाथी बनने का सपना दिखाया और सात साल तक उसका इस्तेमाल किया। जब बात जिम्मेदारी की आई तो मुकर गया। नेम्ड एफआईआर में राजेश उरांव को अभियुक्त ठहराया गया है। वह फौजी बीएसएफ में पोस्टेड है। वह गुमला जिले के भरनो का रहने वाला है। मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज है।
दीपावली की वह रात, जिसने सब बदल दिया
सीमा (बदला हुआ नाम) ने एसएसपी राकेश रंजन ने मदद और इंसाफ की अर्जी लगाई है। सीमा ने एसएसपी को दिये आवेदन में बताया है कि साल 2013 में उसकी पहचान राजेश उरांव से हुई। वह उसकी दीदी का देवर है। रिश्तेदारी के कारण घर आना-जाना था। भरोसा बना। बातचीत बढ़ी। 11 नवंबर 2018 की दीपावली की रात, जब गांव में मेले की रौनक थी, उसके लिए अंधेरे की शुरुआत बन गई। सीमा का आरोप है कि मेला देखकर लौटते वक्त जंगल के सुनसान रास्ते में राजेश ने उसकी अस्मत से खिलवाड़ किया। लोक-लाज का डर और ऊपर से राजेश का यह मीठा वादा… “मैं तुमसे प्यार करता हूं, शादी कर लूंगा, यह बात किसी को मत बताना।” बस, इसी वादे के जाल में एक मासूम जिंदगी उलझती चली गई। उस समय उसकी उम्र करीब 16 साल थी। वह कहती है, “उस रात के बाद मैं डर गई थी। लेकिन उसने कहा कि वह मुझसे शादी करेगा। उसी भरोसे चुप रही।” गांव की बेटी के लिए इज्जत और लोक-लाज सबसे बड़ा बोझ होता है। उसने शोर नहीं मचाया। घरवालों को नहीं बताया। इंतजार किया।

नौकरी लगी तो उम्मीद भी जगी
2019 में जब राजेश की बीएसएफ में नौकरी लगी, तो सीमा (बदला हुआ नाम) को लगा कि अब सब कुछ ठीक हो जाएगा। उसने सोचा, अब परिवार से बात होगी, रिश्ता तय होगा और जो हुआ वह शादी के दायरे में आ जाएगा। लेकिन सीमा का आरोप है कि हर छुट्टी में शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए जाते रहे। वह कई बार गर्भवती भी हुई। उसके मुताबिक, हर बार उसे दवाइयां देकर गर्भपात कराया गया। बार-बार राजेश उरांव के उसके कमरे में आने पर उसे बेड़ो के घर से निकाल दिया गया। इसके बाद सीम रांची में रहने लगी। वहां, मकान मालिक को बताया गया कि राजेश उसकी बहन का देवर है। घर वालों को सब पता है और जल्द ही दोनों शादी करने वाले हैं। इसके बाद राजेश अक्सर आता-जाता रहता और देह से देसृह का रिश्ता बनाते रहता। प्रेगनेंट होने पर वह कहता था… अभी नौकरी नई है, शादी के बाद बच्चा रखेंगे। सात साल तक यह सिलसिला चलता रहा। हर बार नया वादा। हर बार नई तारीख। हर बार इंतजार।
फरवरी 2025 : जब सच सामने आया
मामला तब बिगड़ा जब युवती ने साफ कहा कि अब शादी की तारीख तय की जाए। 13 फरवरी 2025 को आखिरी मुलाकात के बाद जब उसने फोन पर जवाब मांगा, तो कथित तौर पर सब कुछ बदल गया। उसका आरोप है कि आरोपी ने साफ कहा, “तुम कहीं और शादी कर लो, मेरा तुमसे कोई रिश्ता नहीं।” विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई और फोन नंबर ब्लॉक कर दिया गया। जिस भरोसे पर सात साल खड़े थे, वह एक झटके में ढह गया।
थाने से एसएसपी तक की दौड़
पीड़िता का कहना है कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए उसे बार-बार थाने जाना पड़ा। महिला थाना और लापुंग थाना के बीच दौड़ाया गया। आखिरकार कांड संख्या 30/2025 दर्ज हुई। लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी पुलिस हिली-डुली तक नहीं। सीमा का इल्जाम है कि उसे बर्बाद करने वाला शख्स खुलेआम घूम रहा है और उसके परिवार को दबाव में लेने की कोशिश कर रहा है। अब उसने रांची एसएसपी राकेश रंजन से मिलकर गुहार लगाई है। सीमा का दावा है कि राजेश ने न सिर्फ उसके साथ, बल्कि तीन और लड़कियों के साथ वही हरकत की है। इन तीनों के बारे में सीमा को हरकुछ पता है।

नौकरी होने पर फंसाने की हो रही साजिश : राजेश उरांव
राजेश उरांव ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि युवती उनके बड़े भाई की साली है और घर-परिवार के नाते जान-पहचान थी। उनका दावा है कि नौकरी लगने के बाद युवती शादी का दबाव बनाने लगी, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। उनके मुताबिक, लगाए गए आरोप झूठे हैं और उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है।
अब नजर प्रशासन पर
एफआईआर दर्ज है। आरोप गंभीर हैं… नाबालिग से दुष्कर्म, शादी का झांसा, बार-बार गर्भपात और जान से मारने की धमकी। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी दिखाती है।
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