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Ranchi : राजधानी रांची के आनंद विहार इलाके में मिले युवक के शव के मामले में आखिरकार एक चौंकाने वाले सच्चाई का खुलासा हुआ है। यह कोई सामान्य हत्या नहीं थी, बल्कि प्रेम प्रसंग, शक, गुस्से और बदले की भावना में रची गई एक सुनियोजित सुपारी किलिंग निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक आशिफ अंसारी की हत्या उसकी माशुका के पति ने अपने दोस्तों और शूटरों के साथ मिलकर कराई थी। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सुबह मिली लाश, इलाके में फैली सनसनी
सदर डीएसपी संजीव बेसरा ने मीडिया को बताया कि बीते 19 फरवरी की सुबह केपी स्कूल के पास एक युवक का शव मिलने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे साफ था कि हत्या बेहद बेरहमी से की गई है। पुलिस ने शव की पहचान कांटाटोली रजा कॉलोनी निवासी आशिफ अंसारी के रूप में की। शुरुआत में हत्या के कारणों को लेकर कई तरह की आशंकाएं थीं, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कहानी पूरी तरह बदलती चली गई।
15-16 साल पुराना प्रेम संबंध बना वजह
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आशिफ का आनंद विहार की रहने वाली बिउला टोप्पो के साथ पिछले 15–16 सालों से प्रेम संबंध था। बिउला की शादी जोन्सन मिंज से हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद दोनों का संपर्क जारी था। बताया जाता है कि जोन्सन को इस रिश्ते की जानकारी थी और वह लंबे समय से इसे लेकर मानसिक तनाव में था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच इस मुद्दे पर कई बार विवाद भी हो चुका था। लेकिन जोन्सन ने जो कदम उठाया, उसने एक परिवार ही नहीं बल्कि कई जिंदगियों को बर्बादी के रास्ते पर ला खड़ा किया।
आपत्तिजनक हालत में देखा, फिर लिया खौफनाक फैसला
घटना वाले दिन शाम के वक्त जोन्सन ने अपनी पत्नी और आशिफ को कथित रूप से आपत्तिजनक हालत में देख लिया। यह दृश्य उसके लिए असहनीय था। पुलिस के अनुसार, उसी क्षण उसने बदला लेने का मन बना लिया। गुस्से में उसने अपने दोस्त दीपक अग्रवाल से संपर्क किया और आशिफ को रास्ते से हटाने की साजिश तैयार की गई।
लाखों की सुपारी, सोची-समझी प्लानिंग
हत्या को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने बाकायदा पैसों का इंतजाम किया। जांच में सामने आया कि प्रिंस कुमार को 1.60 लाख रुपये और प्रेम लकड़ा को 2.40 लाख रुपये की सुपारी दी गई। वहीं साजिश में अहम भूमिका निभाने वाले दीपक अग्रवाल को करीब 4 लाख रुपये दिए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने वारदात से पहले पूरी प्लानिंग की थी… कब, कहां और कैसे हमला करना है, इसका खाका तैयार किया गया था।
पुलिस की रणनीति से खुला राज
रांची एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई गई। सदर डीएसपी, खेलगांव थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और पूछताछ के आधार पर केस को सुलझाया। धीरे-धीरे पूरी साजिश की परतें खुलती चली गईं और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
हथियार, बाइक और खून से सने सबूत बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई अहम सबूत बरामद किए हैं, जिनमें एक देशी कट्टा, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल (JH03M7698), स्कूटी (JH01EZ7517), खून लगा जैकेट, खून लगी मिट्टी और मोबाइल फोन शामिल हैं। इन बरामदगी से पुलिस को केस मजबूत करने में मदद मिली है।
जांच जारी, और खुलासे संभव
पुलिस का कहना है कि हत्या पूरी तरह साजिश के तहत कराई गई थी और मामले में आगे भी जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर और लोगों से पूछताछ की जा सकती है।
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