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Ranchi : रांची के नामकुम थाना के हाजत में हत्यारोपी की मौत मामले ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है। इस मामले में रांची SSP राकेश रंजन ने कड़ा कमद उठाया है। उन्होंने थानेदार समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन लिया है। पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं, दो के खिलाफ डीसी रांची से अनुशासनिक कार्रवाई का आग्रह किया गया है। साथ ही थानेदार के सस्पेंशन की कार्रवाई भी आगा बढ़ाई गयी है।
मामला क्या है
घटना की शुरुआत तब हुई जब वादिनी अंजु देवी (32 वर्ष) ने नामकुम थाना में शिकायत दर्ज कराई कि जगाई मुंडा ने उसके 12 साल के बेटे रमेश को अपहरण कर लिया है। जांच में सामने आया कि अंजु और जगाई मुंडा के बीच पिछले 5-6 साल से प्रेम प्रसंग था। हाल ही में जगाई की पत्नी को इस बात की जानकारी मिली और अंजु ने उससे दूरी बना ली। इस रंजिश में जगाई ने अंजु को धमकी दी और 2 मार्च को उसके बेटे का स्कूल से अपहरण कर लिया।
जंगल में हत्या और साक्ष्य मिटाने की कोशिश
पुलिस पूछताछ में जगाई ने कबूल किया कि उसने बच्चे को बाइक पर बैठाकर रामगढ़ के मुइयाडीह जंगल ले गया। वहां उसने मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी और पहचान छुपाने के लिए पत्थर से उसका चेहरा कुचल दिया। पुलिस ने जगाई की निशानदेही पर जंगल से रमेश का शव बरामद किया।
हाजत में मौत और सस्पेंशन
गिरफ्तारी के बाद जगाई को नामकुम थाना लाया गया। उसकी सुरक्षा के लिए हाजत के बाहर पांच पुलिसकर्मी तैनात थे। लेकिन देर रात हाजत में उसकी मौत हो गयी। जगाई की बॉडी कंबल की धारी वाले कपड़े के बने फंदे के सहारे लोहे के गेट से लटकी हुई मिली थी। इस घटना के बाद एसएसपी राकेश रंजन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एएसआई प्रभुवन कुमार, हवलदार सुधीर शर्मा, गयानंद, सिपाही मुकेश ठाकुर और राहुल प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया। चौकीदार रेहान अंसारी और महानंद टोप्पो के खिलाफ डीसी रांची से अनुशासनिक कार्रवाई का आग्रह किया गया है। साथ ही, नामकुम थानेदार के निलंबन की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई गई है।
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