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Garhwa (Nityanand Dubey) : गढ़वा जिले के नगर ऊंटारी थाना क्षेत्र के नरखोरिया कलां में 28 मार्च की सुबह जो हुआ, उसने पूरे इलाके को दहला दिया। दुकान पर बैठे उमेश मेहता को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि सामने खड़ा युवक सिगरेट मांगने नहीं, बल्कि उसकी जिंदगी छीनने आया है। व्यवसायी उमेश मेहता रोज की तरह दुकान पर बैठे थे। ग्राहक आते-जाते रहे, बातचीत होती रही, माहौल बिल्कुल सामान्य था। लेकिन इसी सामान्य सुबह के बीच अचानक एक युवक दुकान पर पहुंचा, सिगरेट मांगी और अगले ही पल कट्टे से गोली चला दी। गोली उमेश मेहता के कंधे में लगी और वे दर्द से कराहते हुए जमीन पर गिर पड़े। दुकान में चीख-चीत्कार मच गई, आसपास सनसनी फैल गई और आरोपी बाइक से भाग निकला।
यह घटना जितनी चौंकाने वाली थी, उससे भी ज्यादा चौंकाने वाला सच पुलिस जांच में सामने आया। यह गोली किसी दुश्मनी के लिए नहीं चली थी। यह गोली शादी तुड़वाने के लिए चली थी।
गोली उमेश को लगी, निशाना था बेटा
पुलिस के अनुसार, इस हमले का असली निशाना उमेश मेहता नहीं बल्कि उनका बड़ा बेटा अभय मेहता था। अभय की शादी भवनाथपुर की रहने वाली रजनी मेहता से तय हो गई थी। लेकिन रजनी इस शादी से खुश नहीं थी। कहानी यहां से शुरू होती है प्रेम प्रसंग से। रजनी का बोकारो के सेक्टर 02डी निवासी संदीप कुमार सिंह से साल 2021 से चक्कर चल रहा था। दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी, संपर्क बना हुआ था। लेकिन जब रजनी की शादी अभय मेहता से तय हुई, तो यह रिश्ता उनके लिए परेशानी बन गया। रजनी ने शादी रोकने का रास्ता निकाला, लेकिन वह रास्ता बातचीत या समझदारी का नहीं, बल्कि अपराध का था।
शादी रोकने का प्लान और खून का रास्ता
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि दोनों ने मिलकर फैसला किया कि अगर अभय या उसके परिवार के किसी सदस्य पर हमला कर दिया जाए, तो डर के मारे शादी टूट सकती है। यानी एक लड़की की शादी रोकने के लिए एक परिवार की जिंदगी दांव पर लगा दी गई। रजनी ने अपने आशिक संदीप को मंगेतर का फोटो और घर-दुकान की लोकेशन भेजी। यह सब इंस्टाग्राम और फोन के जरिए किया गया। इसके बाद संदीप 27 मार्च को बोकारो से गढ़वा पहुंचा और अगले दिन सुबह वारदात को अंजाम देने निकल पड़ा।
दुकान पर पहुंचा, इंतजार करता रहा और फिर चला दी गोली
28 मार्च की सुबह संदीप नगर ऊंटारी पहुंचा। पुलिस के अनुसार वह दुकान के आसपास काफी देर तक मंडराता रहा। वह अभय मेहता का इंतजार कर रहा था। लेकिन अभय उस वक्त दुकान पर नहीं था। ऐसे में संदीप ने फैसला किया कि खाली हाथ वापस नहीं लौटेगा। उसने दुकान पर बैठे पिता उमेश मेहता को निशाना बनाया। उसने सामान्य तरीके से सिगरेट मांगी, ताकि कोई शक न करे। लेकिन अगले ही पल उसने देशी कट्टा निकाला और गोली चला दी। गोली उमेश मेहता के बाएं कंधे में जा लगी। घटना के बाद आरोपी तेजी से अपनी बाइक लेकर भाग निकला। दुकान में मौजूद लोग घबरा गए। कोई समझ नहीं पाया कि यह हमला क्यों हुआ। उमेश मेहता खून से लथपथ थे। परिवार की हालत खराब हो गई। पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
एक पिता का दर्द और परिवार का डर
गोली लगते ही परिवार की दुनिया पलट गई। जिस घर में शादी की बात चल रही थी, उसी घर में अस्पताल और पुलिस की भागदौड़ शुरू हो गई। एक पिता जो बेटे के भविष्य की खुशियां देख रहा था, वही पिता अब अस्पताल में दर्द से कराह रहा था। लोगों के बीच एक ही सवाल था कि आखिर इस व्यापारी पर हमला किसने और क्यों किया। किसी को कोई दुश्मनी की जानकारी नहीं थी। यही बात पुलिस को भी हैरान कर रही थी।
स्थानीय युवक की सतर्कता से खुला सुराग
घटना के बाद आरोपी जिस बाइक से भागा, उसे स्थानीय निवासी मितू जायसवाल ने देखा। मितू को उसका हुलिया संदिग्ध लगा और उसने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। यहीं से पुलिस को पहली बड़ी मदद मिली। एसडीपीओ सत्येन्द्र नारायण सिंह के निर्देश पर पीसीआर वैन चार्ली-05 को अलर्ट किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी का पीछा शुरू किया।
फिल्मी अंदाज में पीछा, बोंगासी के पास गिरफ्तारी
आरोपी तेजी से गढ़वा की ओर भाग रहा था, लेकिन पुलिस भी उसके पीछे लगी थी। पीछा करते हुए पुलिस ने ग्राम बोंगासी के पास घेराबंदी कर दी। कुछ देर के अंदर पुलिस ने आरोपी संदीप को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पूछताछ में सामने आया रजनी का नाम
जब संदीप ने बताया कि उसने यह हमला शादी रोकने के लिए किया है, तब पुलिस को असली कहानी का पता चला। संदीप ने बताया कि यह साजिश उसने अकेले नहीं रची थी। इसमें रजनी मेहता शामिल थी। वही उसे फोटो, लोकेशन और पूरी जानकारी दे रही थी। इसके बाद पुलिस ने रजनी को भी गिरफ्तार कर लिया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
मामले में पुलिस ने होने वाली दुल्हन रजनी मेहता और उसके आशिक संदीप कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। साजिशकर्ता रजनी मेहता भवनाथपुर के बुका का रहने वाली है। वहीं गोली चलने वाला संदीप बोकारो के सेक्टर 02डी का रहने वाला है। इन लोगों के पास से पुलिस ने एक देशी कट्टा, एक जिंदा गोली, एक खोखा, हीरो साइन मोटरसाइकिल (JH-09AR-7859), दो मोबाइल फोन (Redmi और IQOO), बैग, ईयर बर्ड्स और घटना के वक्त पहने कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर साजिश की पूरी कड़ी को जोड़ा जा रहा है।
पुलिस ने 24 घंटे के भीतर किया खुलासा
इस मामले में पुलिस ने जिस तरह 24 घंटे के भीतर खुलासा किया, वह राहत की बात है। एसडीपीओ सत्येन्द्र नारायण सिंह, नगर ऊंटारी थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार और पीसीआर टीम के जवान अरुण कुमार यादव, जयनाथ मांझी, अनीस मंसुरी, जयशंकर प्रसाद की भूमिका इस कार्रवाई में अहम रही। इसके अलावा गढ़वा थाना प्रभारी सुनील तिवारी और अन्य थानों की पुलिस ने भी सहयोग किया।
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