Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Thursday, 2 April, 2026 • 04:16 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » पाकुड़ की बहु-बेटियों के हाथ आई नई जिम्मेदारी, DC-SP क्या बोल गए… देखें
Headlines

पाकुड़ की बहु-बेटियों के हाथ आई नई जिम्मेदारी, DC-SP क्या बोल गए… देखें

March 31, 2026No Comments5 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के लिए मंगलवार का दिन सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम का नहीं था, बल्कि कई घरों में उम्मीदों के नए दरवाजे खुलने का दिन था। रविन्द्र भवन टाउन हॉल में जब मंच से सेविका-सहायिका के नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे थे, तो सामने बैठी कई महिलाओं की आंखों में खुशी साफ झलक रही थी। किसी के चेहरे पर राहत थी, तो किसी के मन में यह सोच कि अब गांव की महिलाओं और बच्चों के लिए कुछ बेहतर किया जा सकेगा। यह आयोजन समाज कल्याण विभाग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जिले के विभिन्न प्रखंडों से चयनित 83 सेविका-सहायिका को नियुक्ति पत्र देकर जिम्मेदारी सौंपी गई।

मंच पर अधिकारी, सामने गांव की बेटियां और बहुएं

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। मंच पर उपायुक्त मनीष कुमार, एसपी निधि द्विवेदी, स्थापना उप समाहर्ता त्रिभुवन कुमार सिंह, बीडीओ टुडु दिलीप, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव, विधायक प्रतिनिधि गोकुल अहमद, झामुमो युवा नेत्री उपासना मरांडी और सीडीपीओ मौजूद थे। लेकिन असली आकर्षण मंच नहीं था, बल्कि नीचे बैठी वे महिलाएं थीं, जिनके हाथ में कुछ देर बाद नौकरी का कागज आने वाला था। कई महिलाएं पहली बार किसी बड़े सरकारी कार्यक्रम में आई थीं। कुछ ने अपने बच्चों को भी साथ लाया था, क्योंकि घर में छोड़ने वाला कोई नहीं था।

Advertisement Advertisement

यह नौकरी नहीं, परिवार के लिए नई शुरुआत है

गांव की बहुत सी महिलाएं ऐसी हैं, जिनके पति मजदूरी करते हैं या खेती-किसानी पर परिवार चलता है। कई घरों में महीने का खर्च चलाना आसान नहीं होता। ऐसे में सेविका-सहायिका की जिम्मेदारी सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए सहारा बन जाती है। एक महिला ने हौले से कहा, “अब बच्चों की पढ़ाई का खर्च थोड़ा आसान हो जाएगा।” दूसरी महिला बोली, “हम भी अब गांव में सम्मान से बोल पाएंगे।” नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही कई महिलाओं के चेहरे पर वह आत्मविश्वास दिखा, जो शायद अब तक दबा हुआ था।

आंगनबाड़ी, जहां से बचपन संवरता है

आंगनबाड़ी केंद्र गांव के उन बच्चों के लिए सबसे जरूरी जगह होती है, जिनके माता-पिता मजदूरी या खेत में काम करने जाते हैं। यही वह जगह है, जहां बच्चे को पोषण आहार मिलता है, टीकाकरण की जानकारी मिलती है और शुरुआती पढ़ाई की आदत बनती है। इसलिए सेविका-सहायिका की भूमिका सिर्फ खाना बांटने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह गांव के बच्चों का भविष्य संवारने का काम करती है।

सरकार और गांव के बीच मजबूत कड़ी हैं सेविका-सहायिका

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने कहा कि सेविका-सहायिका सरकार और ग्रामीणों के बीच सबसे अहम कड़ी हैं। योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे, यह उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि चयन के बाद प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसके बाद आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रतिनियुक्त कर व्यावहारिक अनुभव कराया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब अधिकतर काम ऑनलाइन होगा। लाभार्थी प्रविष्टि, पोषाहार वितरण, टीकाकरण और योजना संचालन सब कुछ डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।

सांसद प्रतिनिधि बोले, बच्चों के भविष्य की नींव है आंगनबाड़ी

सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों का परिणाम है। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शुरुआती विकास की नींव है। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य काफी हद तक इन्हीं केंद्रों पर निर्भर करता है। इसलिए नवनियुक्त सेविका-सहायिका को ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करना चाहिए।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम

झामुमो की युवा नेत्री उपासना मरांडी ने इस कार्यक्रम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि सेविका-सहायिका गांव और पंचायत की मजबूत आधारशिला होती हैं। महिलाओं को जागरूक करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में उनकी भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी समस्याओं और मांगों को उचित मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

एसपी ने दिलाई जिम्मेदारी की याद

एसपी निधि द्विवेदी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों की देखभाल का स्थान नहीं, बल्कि गांव की सामाजिक व्यवस्था का केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि सेविका-सहायिका गांव की समस्याओं, परिस्थितियों और जरूरतों को समझने वाली सबसे मजबूत कड़ी होती हैं। इसलिए उन्हें अपने दायित्व को बड़े नजरिए के साथ निभाना चाहिए।

डीसी बोले, अब आप समाधान देने वाली हैं

डीसी मनीष कुमार ने नवनियुक्त सेविका-सहायिका को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी सेवा सिर्फ कागज का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “अब आप शिकायतकर्ता नहीं, समाधान देने वाली बन गई हैं। इसलिए आपको पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा।” डीसी ने यह भी कहा कि बच्चों के जीवन के शुरुआती दिन उनके विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और इसी वजह से आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका बहुत अहम है। उन्होंने सभी से अपील की कि नई तकनीक सीखें, मोबाइल आधारित ऑनलाइन प्रणाली अपनाएं और नियमित डेटा प्रविष्टि करें।

प्रशिक्षण के बाद मिलेगी जिम्मेदारी, डिजिटल काम पर जोर

कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि सेविका-सहायिका को पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें उन्हें पोषण आहार वितरण, बच्चों की देखभाल, टीकाकरण प्रक्रिया, योजनाओं की जानकारी और ऑनलाइन कार्य प्रणाली सिखाई जाएगी। इसके बाद उन्हें संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा।

गांव की बहु-बेटियों को मिला सम्मान, परिवारों में खुशी

जब नियुक्ति पत्र बांटे गए, तो कई महिलाएं उसे बार-बार देखकर मुस्कुरा रही थीं। कुछ ने तुरंत फोन निकालकर घर में सूचना दी। किसी ने पति को बताया, तो किसी ने मां को। यह सिर्फ नौकरी का कागज नहीं था, यह उस संघर्ष का परिणाम था जो कई महिलाओं ने सालों तक झेला था। गांव की ये सेविका-सहायिका अब सिर्फ अपने घर की नहीं, बल्कि गांव के बच्चों और महिलाओं की जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं। और यही वजह है कि पाकुड़ का यह दिन प्रशासनिक कार्यक्रम से ज्यादा, उम्मीद और बदलाव का दिन बन गया।

इसे भी पढ़ें : JSSC ALERT : उत्पाद सिपाही परीक्षा की तारीख का ऐलान… जानें

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleराशिफल @ 31 मार्च 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें
Next Article राजधानी में नशे का ‘कंट्रोल रूम’ ध्वस्त, 88 लाख का माल जब्त

Related Posts

Headlines

खेसारी लाल यादव के शो में बवाल, लाठीचार्ज

April 2, 2026
Headlines

भोरे-भोर एनका’उंटर, राहुल दुबे गैंग के प्रिंस को लगी गोली

April 2, 2026
Headlines

हैवान मां… सगी बेटी की चढ़ा दी बलि, पत्थर से सिर फोड़ा, खू’न से की पूजा

April 2, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

खेसारी लाल यादव के शो में बवाल, लाठीचार्ज

April 2, 2026

भोरे-भोर एनका’उंटर, राहुल दुबे गैंग के प्रिंस को लगी गोली

April 2, 2026

हैवान मां… सगी बेटी की चढ़ा दी बलि, पत्थर से सिर फोड़ा, खू’न से की पूजा

April 2, 2026

IIIT रांची में यंत्र’26 का जलवा, रोबोटिक्स फेस्ट में देशभर के छात्रों ने दिखाया दम

April 1, 2026

एक्शन में डीसी : रंका बीपीओ बर्खास्त, बीडीओ को कड़ी चेतावनी

April 1, 2026
Advertisement Advertisement
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.