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Ranchi : रांची रेलवे स्टेशन की शाम हमेशा की तरह व्यस्त थी। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की आवाजाही, गाड़ियों की सीटी, कुलियों की पुकार और ट्रेन पकड़ने की जल्दी में भागते लोग। इसी भीड़ के बीच रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम पूरी सतर्कता के साथ स्टेशन पर नजर बनाए हुए थी। वजह साफ थी, अवैध सामान और संदिग्ध गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए आरपीएफ लगातार विशेष अभियान चला रही थी। इसी अभियान के तहत एक ऐसी कार्रवाई हुई, जिसने स्टेशन पर मौजूद कई लोगों को हैरान कर दिया। ट्रेन के एसी कोच में बैठे एक बुजुर्ग के बैग से अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद हुई और फिर देखते ही देखते वह बुजुर्ग आरपीएफ की गिरफ्त में आ गया।
ऑपरेशन सतर्क के तहत चल रही थी सघन चेकिंग
आरपीएफ रांची की टीम कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान ऑपरेशन सतर्क के तहत 03 अप्रैल 2026 को स्टेशन पर चेकिंग कर रही थी। टीम को पहले से इनपुट था कि ट्रेनों के जरिए शराब और अन्य अवैध सामान की तस्करी की कोशिश हो सकती है। आरपीएफ पोस्ट रांची और फ्लाइंग टीम रांची के जवान लगातार प्लेटफॉर्म, कोच और यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे।
ट्रेन 18624 एक्सप्रेस के एसी कोच में दिखा संदिग्ध यात्री
इसी दौरान ट्रेन संख्या 18624 एक्सप्रेस स्टेशन पर आई। ट्रेन के सेकंड एसी कोच A-1 में सीट नंबर 31 पर एक व्यक्ति बैठा मिला। देखने में वह सामान्य यात्री जैसा ही लग रहा था, उम्र भी काफी ज्यादा थी। लेकिन उसके पास रखा काले रंग का ट्रॉली बैग और काले रंग का पिट्ठू बैग जवानों की नजर में आ गया। टीम को उसकी गतिविधि कुछ असामान्य लगी। वह बार-बार आसपास देख रहा था और बैग को अपने पास कसकर रखे हुए था। शक गहराया तो आरपीएफ ने उसे रोक लिया।
पूछताछ में घबराया, नाम बताया राजेंद्र सिंह
आरपीएफ ने जब उससे पूछताछ की तो उसने अपना नाम राजेंद्र सिंह बताया। उम्र करीब 72 साल। उसने बताया कि वह दाउलतपुर, थाना फतुहा, जिला पटना (बिहार) का रहने वाला है। पिता का नाम स्वर्गीय यादुबीर सिंह है। हालांकि उसकी आवाज और हावभाव से साफ था कि वह पूरी तरह सहज नहीं है। सवालों का जवाब देते वक्त वह बार-बार बातें बदलने की कोशिश कर रहा था। इसी से आरपीएफ को यकीन हो गया कि मामला सिर्फ सफर का नहीं है।
बैग खुलते ही सामने आई शराब की खेप
आरपीएफ ने नियम के तहत तलाशी ली। जैसे ही ट्रॉली बैग और पिट्ठू बैग खोला गया, वहां मौजूद जवानों के साथ-साथ आसपास खड़े यात्रियों की भी आंखें खुली रह गईं। बैग के अंदर से एक के बाद एक अवैध शराब की बोतलें निकलने लगीं। कुल मिलाकर 18 बोतल शराब बरामद हुई। शराब की कीमत करीब 14 हजार रुपये बताई गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान स्टेशन पर कुछ देर के लिए हलचल मच गई। लोग रुककर देखने लगे कि आखिर एसी कोच में बैठा यह बुजुर्ग इतनी शराब लेकर कहां जा रहा था।
रातू से खरीदा, बिहार में बेचने का था प्लान
आरपीएफ ने जब सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी टूट गया। उसने स्वीकार किया कि उसने यह शराब रांची के रातू क्षेत्र से खरीदी थी। उसका इरादा इसे ट्रेन के जरिए बिहार ले जाकर अधिक कीमत पर बेचने का था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह इस काम को आसान समझकर कर रहा था, क्योंकि उसे लगा कि उम्र अधिक होने के कारण उस पर शक नहीं किया जाएगा। लेकिन आरपीएफ की सतर्कता ने उसकी पूरी योजना पर पानी फेर दिया।
बुजुर्ग तस्कर गिरफ्तार, सामान जब्त
आरपीएफ ने तुरंत जब्ती की कार्रवाई पूरी की और आरोपी को ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया। शराब को जब्त कर लिया गया और मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार की गई। इसके बाद आरोपी को और जब्त सामग्री को 04 अप्रैल को आगे की कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग, रांची के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया।
इन जवानों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई को सफल बनाने में आरपीएफ के कई अधिकारी और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। इसमें एसआई सूरज पांडेय, एएसआई अनिल कुमार, स्टाफ डी. प्रसाद और आर.के. सिंह शामिल थे। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन और ट्रेनों में इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्टेशन पर चर्चा का विषय बना मामला
रांची स्टेशन पर यह घटना देर तक चर्चा का विषय बनी रही। लोग यही कहते नजर आए कि आजकल तस्करी के तरीके बदल रहे हैं। अब अपराधी उम्र, कपड़े और सामान्य शक्ल-सूरत का फायदा उठाकर आसानी से बच निकलने की कोशिश करते हैं।
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