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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ जिले के भुरकुंडा में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब दुमुहाना मंदिर के पास सोमवार की सुबह गोलियों की आवाज गूंज उठी। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले इलाके में हड़कंप मच चुका था। वजह थी पुलिस और अपराधी के बीच हुई एनकाउंटर। यह एनकाउंटर किसी आम अपराधी से नहीं, बल्कि कुख्यात राहुल दुबे गिरोह का गुर्गा सनी सिंह से हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सनी सिंह के दाहिने पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर पड़ा। घायल हालत में उसे तुरंत सीसीएल अस्पताल भुरकुंडा भेजा गया।
राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ पुलिस का बड़ा प्लान
रामगढ़ जिले में राहुल दुबे गिरोह का नाम आते ही लोग सहम जाते हैं। लूट, रंगदारी और धमकी जैसे मामलों में यह गिरोह पहले भी चर्चा में रहा है। इसी गिरोह के अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए एसपी अजय कुमार ने हाल ही में एसआईटी बनाई थी। एसआईटी को साफ निर्देश था कि गिरोह के सदस्यों को पकड़ना है, चाहे दिन हो या रात। इसी वजह से बीते कुछ दिनों से भुरकुंडा और पतरातू इलाके में लगातार छापेमारी चल रही थी।

खबर मिली कि इलाके में घूम रहा है सनी सिंह
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गिरोह का सक्रिय सदस्य सनी सिंह भुरकुंडा क्षेत्र में घूम रहा है। बताया गया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर फिर से किसी बड़ी वारदात की तैयारी में है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम हरकत में आ गई। भुरकुंडा और पतरातू क्षेत्र में घेराबंदी शुरू कर दी गई। सड़क किनारे, गलियों में, और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी गई।
मंदिर के पास संदिग्ध हलचल, पुलिस ने बढ़ाया कदम
इसी दौरान पुलिस को एक और सूचना मिली कि भुरकुंडा स्थित दुमुहाना मंदिर के पास एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में बैठा है और उसकी गतिविधियां ठीक नहीं लग रही हैं। मंदिर के आसपास अक्सर लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में अगर वहां कोई अपराधी छिपा हो, तो बड़ी घटना भी हो सकती थी। पुलिस ने बिना देर किए टीम को मौके पर भेज दिया।

पुलिस की गाड़ी देखते ही अपराधी ने चला दी गोली
जैसे ही पुलिस टीम मंदिर के पास पहुंची, तभी वहां मौजूद शख्स ने पुलिस को देखते ही सीधे निशाना साध लिया। अचानक गोलियां चलने लगीं। पुलिस के अनुसार, अपराधी ने पुलिस को टारगेट कर फायरिंग की और गोली पतरातू थानेदार शिवलाल गुप्ता की गाड़ी (JH02BT 4529)के शीशे और बंपर में जा लगी। कुछ सेकंड का अंतर होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने अपराधी को दबोचा
पुलिस ने भी तुरंत मोर्चा संभाला। जवाबी फायरिंग की गई। पुलिस की गोली अपराधी के दाहिने पैर में लगी और वह वहीं गिर पड़ा। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने घेरकर उसे पकड़ लिया। जब नाम पूछा गया तो उसने अपना नाम सनी सिंह बताया और खुद को ग्राम रैलीगढ़ा का रहने वाला बताया।

घायल अपराधी को मौके पर ही बांधी गई पट्टी
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने मौके पर ही घायल सनी सिंह को प्राथमिक उपचार दिया। उसके पैर में पट्टी की गई ताकि ज्यादा खून न बहे। इसके बाद उसे तुरंत सीसीएल अस्पताल भुरकुंडा भेज दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में भी हलचल बढ़ गई। पुलिसकर्मी अस्पताल के बाहर तैनात कर दिए गए।
मौके से दो देसी पिस्तौल और मोबाइल बरामद
मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को कई अहम चीजें हाथ लगीं। पुलिस ने मौके से 02 देसी पिस्तौल, एक मोबाइल फोन और एक लेदर बैग बरामद किया है। पुलिस का मानना है कि यह हथियार किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते थे।
सवाल यह भी कि सनी सिंह अकेला था या साथ में कोई और…
पुलिस को शक है कि सनी सिंह अकेला नहीं था। संभव है कि उसके कुछ साथी आसपास मौजूद रहे हों, जो पुलिस को देखकर भाग निकले।इसी वजह से मुठभेड़ के बाद पूरे भुरकुंडा और पतरातू इलाके में पुलिस ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है। कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
इलाके में दहशत, लोग बोले- अब अपराधियों पर लगेगा लगाम
मुठभेड़ के बाद दुमुहाना मंदिर और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से गिरोह के लोग इलाके में सक्रिय थे और लोग डर के कारण खुलकर बोल नहीं पाते थे। लोगों का मानना है कि पुलिस की इस कार्रवाई से अब अपराधियों में डर बैठेगा और इलाके में शांति लौटेगी।
पुलिस का साफ संदेश, अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा
एसपी अजय कुमार का कहना है कि राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। एसआईटी को पूरी छूट दी गई है और अपराधियों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा। फिलहाल घायल सनी सिंह से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। पुलिस यह जानने में जुटी है कि उसके साथ कौन-कौन लोग थे, हथियार कहां से आए और अगला टारगेट क्या था। मौके पर एएसपी सह पतरातू एसडीपीओ गौरव गोस्वामी, पतरातू इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह, भुरकुंडा ओपी प्रभारी उपेंद्र कुमार, भदानीनगर ओपी प्रभारी अख्तर अली, गोला थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सशस्त्र बल के साथ मौजूद थे।
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