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Patna : बिहार पुलिस के लिए बड़ी और गर्व की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने बिहार कैडर के 6 सीनियर IPS अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। अब इन अधिकारियों को देश की बड़ी सुरक्षा और जांच एजेंसियों में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति की ओर से जारी सूची में पूरे देश के 68 आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें बिहार के 6 अधिकारियों को जगह मिली है। गृह मंत्रालय की प्रक्रिया पूरी होने और बिहार सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इनकी पोस्टिंग दिल्ली में की जा सकती है। बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों को सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीबीआई, एनआईए और आईबी जैसी एजेंसियों में तैनाती मिल सकती है।
इन अधिकारियों को मिली जगह
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए जिन अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं, उनमें उपेंद्र कुमार शर्मा, सत्यवीर सिंह, विकास वर्मन, नताशा गुड़िया, किम और मनोजय कुमार शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों ने बिहार में अलग-अलग जिम्मेदारियों पर काम करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है। किसी ने अपराध नियंत्रण में बेहतर काम किया तो किसी ने नक्सल इलाकों में हालात संभाले।
उपेंद्र कुमार शर्मा की रही सख्त छवि
IPS उपेंद्र कुमार शर्मा बिहार पुलिस के चर्चित अधिकारियों में गिने जाते हैं। पटना समेत कई बड़े जिलों में एसएसपी रह चुके उपेंद्र शर्मा को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जाना जाता है। उनकी कार्यशैली हमेशा तेज और सख्त मानी जाती रही है। कई बड़े मामलों में उन्होंने त्वरित कार्रवाई कर पुलिस महकमे में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
अनुशासन के लिए पहचाने जाते हैं सत्यवीर सिंह
IPS सत्यवीर सिंह की गिनती उन अधिकारियों में होती है, जिनकी पकड़ कानून व्यवस्था पर मजबूत मानी जाती है। पुलिस विभाग में उनकी पहचान कड़क अनुशासन वाले अधिकारी के तौर पर रही है। संवेदनशील हालात में भी उन्होंने कई बार बेहतर तरीके से स्थिति संभाली। इसी वजह से उनकी कार्यशैली की अक्सर चर्चा होती रही है।
विकास वर्मन ने फील्ड और प्रशासन दोनों में दिखाया दम
IPS विकास वर्मन ने फील्ड पोस्टिंग के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियों में भी अच्छा काम किया है। विभाग के अंदर उन्हें शांत लेकिन प्रभावी अधिकारी माना जाता है। कई अहम जिम्मेदारियों को उन्होंने बेहतर तरीके से निभाया है। उनकी प्रशासनिक समझ को लेकर भी अधिकारियों के बीच अच्छी राय रही है।
महिला सुरक्षा के मामलों में सक्रिय रहीं नताशा गुड़िया
आईपीएस नताशा गुड़िया ने बिहार में अपनी तैनाती के दौरान महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई। संवेदनशील मामलों को संभालने के तरीके और लोगों से सीधे संवाद करने की उनकी शैली की सराहना होती रही है। महिला अपराध से जुड़े मामलों में उनकी कार्रवाई को प्रभावी माना गया।
नक्सल इलाकों में किम ने संभाला मोर्चा
IPS अधिकारी किम ने नक्सल प्रभावित इलाकों में काम करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। चुनौतीपूर्ण हालात में भी उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर मजबूत पकड़ दिखाई। कठिन क्षेत्रों में काम करने के अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि केंद्र सरकार उन्हें किसी बड़ी जिम्मेदारी में इस्तेमाल कर सकती है।
शांत स्वभाव और बेहतर रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं मनोजय कुमार
IPS मनोजय कुमार की पहचान एक शांत और संतुलित अधिकारी के रूप में रही है। विभाग में उनकी छवि ऐसे अधिकारी की है जो बिना शोर-शराबे के काम पूरा करने में भरोसा रखते हैं। उनका सर्विस रिकॉर्ड भी काफी अच्छा माना जाता है। कई जिम्मेदार पदों पर उन्होंने बेहतर काम किया है।
जल्द दिल्ली बुलाए जा सकते हैं अधिकारी
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, बिहार सरकार से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद इन अधिकारियों को जल्द केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाएगा। इसके बाद इन्हें देश की बड़ी सुरक्षा और जांच एजेंसियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
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