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Palamu : कभी साथ बैठकर हंसी-मजाक करने वाले तीन लोग, एक ही जगह पर शराब पी रहे थे। किसी ने नहीं सोचा होगा कि कुछ ही घंटों बाद वही महफिल खून से रंग जाएगी। वजह सिर्फ 1300 रुपये। इस छोटी सी रकम ने दो जिंदगियां छीन लीं और एक युवक को अपराधी बना दिया।
दोस्ती से शुरू हुई कहानी, खौफनाक अंत तक पहुंची
16 जनवरी की वह शाम आम दिनों की तरह ही थी। चैनपुर इलाके में तीन लोग साथ बैठे थे। शराब चल रही थी, बातें हो रही थीं। लेकिन धीरे-धीरे माहौल बदलने लगा। शंकर राम के पास मौजूद 1300 रुपये पर दोनों साथियों की नजर टिक गई। यहीं से लालच ने दोस्ती पर भारी पड़ना शुरू कर दिया। जो हाथ साथ बैठकर गिलास उठा रहे थे, वही हाथ कुछ देर बाद हत्या के लिए उठ गए।
पहले दोस्त की हत्या, फिर दूसरे की भी जान ली
पुलिस जांच में सामने आया कि चुनमुन चौधरी और उसके साथ मौजूद अज्ञात युवक ने मिलकर शंकर राम की हत्या कर दी। इसके बाद शव को जलाने की कोशिश की गई ताकि पहचान छिपाई जा सके। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। 1300 रुपये का बंटवारा भी खून का कारण बन गया। 1000 रुपये अपने पास रखने वाले चुनमुन और 300 रुपये पाने वाले युवक के बीच विवाद बढ़ गया। गुस्सा इतना बढ़ा कि चुनमुन ने उसी साथी को भी पत्थर से कूचकर मार डाला, जिसके साथ मिलकर उसने पहली हत्या की थी।
दो जगह मिले शव, पुलिस भी रह गई थी हैरान
उसी दिन दो अलग-अलग जगहों से शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। गुरहा में अधजला शव और रेलवे ट्रैक के पास दूसरा शव मिलने से लोग डरे हुए थे। शुरुआत में दोनों मामलों को अलग-अलग माना गया, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सच्चाई सामने आने लगी।
एक की पहचान हुई, दूसरा अब भी गुमनाम
शंकर राम की पहचान हो गई, लेकिन दूसरा युवक अब भी पहचान से बाहर है। लोग उसे करिवा या छोटू नाम से जानते थे, लेकिन उसका असली नाम और घर आज भी रहस्य बना हुआ है। यह भी एक सच्चाई है कि जिनकी पहचान समाज में नहीं होती, उनकी मौत भी अक्सर अनजान ही रह जाती है।
एक पल की लालच, जिंदगी भर का अंधेरा
पुलिस ने आरोपी चुनमुन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या 1300 रुपये इतनी बड़ी कीमत थी कि दोस्ती, भरोसा और इंसानियत सब खत्म हो जाए? क्या नशा इंसान को इतना अंधा कर देता है कि वह सही और गलत का फर्क भूल जाए? इस घटना में दो लोगों की जान गई और एक युवक की जिंदगी हमेशा के लिए अंधेरे में चली गई।
पुलिस की जांच और खुलासा
डीएसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में बनी एसआईटी ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। लगातार छापेमारी और पूछताछ के बाद आरोपी तक पहुंचा गया। एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि दोनों हत्याएं एक ही आरोपी ने की हैं और मामले की गहन जांच की गई है।
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