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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ जिला मुख्यालय स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाएगा। इसे लेकर सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने प्रेस कांफ्रेंस कर तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से मलेरिया को लेकर सतर्क रहने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
मच्छर के काटने से फैलती है बीमारी
सिविल सर्जन ने बताया कि मलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। यह बीमारी इंसानों के बीच तेजी से फैल सकती है, अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि मलेरिया प्लाज्मोडियम विवेक्स नाम के परजीवी के कारण होता है, जो शरीर में पहुंचकर व्यक्ति को बीमार कर देता है।
गंदगी बनती है सबसे बड़ी वजह
डॉ. मिश्रा ने कहा कि मलेरिया फैलने का सबसे बड़ा कारण आसपास की गंदगी है। जहां गंदा पानी जमा रहता है, वहां मच्छर तेजी से पनपते हैं। यही मच्छर लोगों को काटकर संक्रमण फैलाते हैं। इसलिए घर, मोहल्ले और आसपास के इलाकों को साफ रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बरसात के पहले और गर्मी के मौसम में मलेरिया का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है, इसलिए अभी से सावधानी जरूरी है।
6 से 8 दिन बाद दिखते हैं लक्षण
उन्होंने बताया कि संक्रमित मच्छर के काटने के 6 से 8 दिन बाद मलेरिया के लक्षण दिखने लगते हैं। इसमें तेज बुखार, लगातार थकान, सिर दर्द, पेट दर्द, चक्कर आना, बेहोशी, एनीमिया, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और त्वचा का पीला पड़ जाना जैसे लक्षण शामिल हैं। अगर किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।
बचाव ही सबसे बेहतर उपाय
सिविल सर्जन ने लोगों से अपील की कि मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर और खुले बर्तनों में पानी जमा होने से बचाएं। उन्होंने कहा कि रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल जरूर करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। साथ ही नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखें।
जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे
विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य केंद्र परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लोगों को मलेरिया से बचाव, लक्षण और समय पर इलाज के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस मौके पर डॉ. अमित कुमार, डॉ. के.के. सिंह सहित कई स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जागरूकता ही मलेरिया से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।
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