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Home » एक बच्चे की दुनिया उजड़ने से बचा गयी RPF की बहादुर बेटी, कैसे… देखें वीडियो
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एक बच्चे की दुनिया उजड़ने से बचा गयी RPF की बहादुर बेटी, कैसे… देखें वीडियो

May 10, 2026No Comments4 Mins Read
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Ranchi : रांची रेलवे स्टेशन पर शनिवार का दिन आम दिनों जैसा ही था। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की आवाजाही, ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी, अनाउंसमेंट की आवाजें और अपने-अपने सफर में जुटे लोग। लेकिन इसी भीड़ के बीच कुछ सेकेंड के लिए ऐसा लगा मानो एक छोटे बच्चे की पूरी दुनिया बिखरने वाली है। एक महिला अपने पति और छोटे बच्चे के साथ ट्रेन पकड़ने की कोशिश कर रही थी। ट्रेन चल चुकी थी। परिवार जल्दबाजी में था। तभी महिला का पैर फिसला और वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच के खतरनाक गैप में जा गिरी। ट्रेन आगे बढ़ रही थी और महिला उसके साथ घसीटने लगी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की चीख निकल गई। छोटा बच्चा घबरा गया। पति के हाथ-पांव फूल गए। लेकिन तभी एक वर्दी वाली महिला दौड़ी और उसने मौत के मुंह से उस मां को खींच लिया। वह महिला थी RPF की कांस्टेबल साविता गारी।

ड्यूटी सिर्फ नौकरी नहीं, किसी की जिंदगी की जिम्मेदारी भी

रेलवे स्टेशन पर तैनात जवानों के लिए हर दिन ड्यूटी का दिन होता है। लेकिन कुछ दिन ऐसे होते हैं, जब ड्यूटी सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, इंसानियत की परीक्षा बन जाती है। 9 मई को ट्रेन संख्या 18611 रांची-बनारस एक्सप्रेस रांची स्टेशन से खुल रही थी। इसी दौरान यह हादसा हुआ। ड्यूटी पर मौजूद RPF की महिला कांस्टेबल साविता गारी ने जैसे ही महिला को गिरते देखा, उन्होंने बिना देर किए दौड़ लगा दी।उस वक्त उनके सामने दो रास्ते थे। एक, भीड़ की तरह खड़े होकर हादसा होते देखना। दूसरा, अपनी जान की परवाह किए बिना किसी की जिंदगी बचाने के लिए कूद पड़ना। साविता ने दूसरा रास्ता चुना। उन्होंने महिला को मजबूती से पकड़ लिया और तब तक थामे रखा, जब तक हालात काबू में नहीं आ गये।

रांची रेलवे स्टेशन पर RPF की महिला कांस्टेबल साविता गारी ने चलती ट्रेन के साथ घसीट रही महिला यात्री की जान बचायी। मदर्स डे से पहले एक बच्चे की दुनिया उजड़ने से बचा गयी। #Ranchi #RPF #OperationJeevanRaksha #MothersDay #RailwaySafety #JharkhandNews pic.twitter.com/xdXmjqbV6Y

— News Samvad (@newssamvaad) May 10, 2026

उस बच्चे के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं

सोचिए उस छोटे बच्चे के बारे में, जो अपनी मां के साथ सफर पर निकला था। शायद उसे समझ भी नहीं आया होगा कि कुछ सेकेंड पहले क्या होने वाला था। लेकिन अगर उस दिन साविता गारी वहां नहीं होतीं, तो वही बच्चा मदर्स डे से पहले अपनी मां को खो सकता था। यही वजह है कि यह सिर्फ एक रेस्क्यू ऑपरेशन की खबर नहीं है। यह एक बच्चे के बचपन, एक परिवार की खुशियों और एक मां की जिंदगी के बच जाने की कहानी है। मदर्स डे के ठीक पहले यह घटना और भी भावुक कर देती है। एक मां की जिंदगी बची और एक बच्चे को उसकी मां का साथ मिलता रहा। इससे बड़ा तोहफा शायद कोई नहीं।

भीड़ देखती रही, एक बहादुर महिला ने फैसला लिया

ऐसे हादसे अक्सर कुछ सेकेंड में होते हैं। लोग समझ ही नहीं पाते कि क्या करें। कई बार भीड़ सिर्फ तमाशबीन बनकर रह जाती है। लेकिन साविता गारी ने इंतजार नहीं किया। उन्होंने सोचा नहीं कि खतरा कितना बड़ा है। उन्होंने सिर्फ यह देखा कि एक महिला की जान खतरे में है। उनका यह फैसला बताता है कि वर्दी सिर्फ अधिकार का प्रतीक नहीं, संवेदनशीलता और साहस का भी प्रतीक है।

ऑपरेशन जीवन रक्षा सिर्फ अभियान नहीं, जिंदगियां बचाने का मिशन

RPF यानी रेलवे सुरक्षा बल का ऑपरेशन जीवन रक्षा यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए चलाया जाता है। रांची मंडल में मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार के निर्देश पर जवान लगातार सतर्क हैं। लेकिन इस घटना ने दिखा दिया कि कागजों पर चलने वाले अभियान तब असली मायने रखते हैं, जब मैदान में तैनात लोग उसे दिल से निभाते हैं। साविता गारी ने सिर्फ अपना कर्तव्य नहीं निभाया, उन्होंने यह भी दिखाया कि इंसानियत और फुर्ती मिल जाए तो मौत को भी हराया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें : स्टेशन की भीड़ और मोबाइल चोरों का जाल… RPF ने दबोचा पूरा गैंग

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