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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ पुलिस अब क्राइम कंट्रोल को लेकर और ज्यादा सख्त मोड में नजर आ रही है। एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बुधवार को पुलिस कार्यालय सभागार में मासिक क्राइम मीटिंग कर जिले के सभी पुलिस अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि लंबित मामलों को अब तेजी से निपटाना होगा और अपराधियों पर लगातार दबाव बनाए रखना होगा। बैठक में पतरातू एसडीपीओ, मुख्यालय डीएसपी सह रामगढ़ एसडीपीओ, सभी सर्किल इंस्पेक्टर, थाना और ओपी प्रभारी के साथ विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत एसपी ने सभी अधिकारियों के स्वागत के साथ की, इसके बाद एक-एक बिंदु पर विस्तार से समीक्षा की गई।
लंबित मामलों पर फोकस, पुराने केसों की अलग सूची बनाने का निर्देश
क्राइम मीटिंग में सबसे ज्यादा जोर लंबित मामलों के निष्पादन पर रहा। अप्रैल 2026 में दर्ज विशेष और अविशेष मामलों के साथ निष्पादित मामलों की समीक्षा की गई। एसपी ने निर्देश दिया कि मई महीने में दर्ज मामलों से ज्यादा मामलों का निष्पादन होना चाहिए। पिछले 5 साल, 3 साल और 2 साल से लंबित मामलों की अलग-अलग सूची तैयार करने को कहा गया है। साथ ही लंबित कार्रवाई को तेजी से पूरा कर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
महिला और बच्चों से जुड़े मामलों में समय सीमा तय
महिला सुरक्षा और बच्चों से जुड़े मामलों को लेकर भी पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता दिखाई। सभी थाना प्रभारियों को बलात्कार और पोक्सो एक्ट से जुड़े मामलों का 60 दिन के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा 60 और 90 दिन की समय सीमा वाले मामलों की भी समीक्षा की गई, ताकि जांच में देरी न हो।
डायल 112 पर 10 मिनट में रिस्पॉन्स देने का आदेश
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम डायल 112 को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। एसपी ने कहा कि शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारी 10 मिनट के भीतर मौके पर प्रतिक्रिया दें। पासपोर्ट सत्यापन को भी प्राथमिकता में रखा गया। सभी थानों को 5 दिन के भीतर सत्यापन पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया।
जेल से बाहर आए अपराधियों पर रहेगी नजर
जिले में संगठित अपराध पर नजर रखने के लिए पुलिस ने नई रणनीति बनाने को कहा है। संगठित आपराधिक गिरोहों की सूची तैयार करने, जेल से बाहर आए आरोपियों का सत्यापन करने और उनकी मौजूदा गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई करने की भी बात कही गई। फरार आरोपियों, गैर-तामिला वारंट और स्थायी वारंट की अद्यतन सूची तैयार कर योजनाबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
छिनतई, चोरी और संपत्ति अपराधों की हुई समीक्षा
पिछले चार महीनों में चेन स्नैचिंग, मोबाइल छिनतई और पर्स छिनतई से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। इन मामलों में कितने केस सुलझे और कितने बाकी हैं, इस पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया। संपत्तिमूलक अपराधों और उनके उद्भेदन की स्थिति की भी समीक्षा हुई। दागियों के सत्यापन का निर्देश भी दिया गया।
तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
क्राइम जांच को आधुनिक बनाने के लिए एसपी ने तकनीकी प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की भी समीक्षा की। CCTNS, ई-साक्ष्य ऐप, eDAR, iRAD, NATGRID आईटी सॉल्यूशन, गाण्डीव और सुदर्शन एप के उपयोग की स्थिति पर चर्चा हुई। 7 साल या उससे ज्यादा सजा वाले मामलों में फोरेंसिक टीम से समय पर साक्ष्य जुटाने और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जन शिकायतों को समय पर निपटाने का आदेश
PG Portal, CP Gram और जन शिकायत कोषांग में आने वाले आवेदनों के समय पर निष्पादन का निर्देश दिया गया। चरित्र सत्यापन, सेवा सत्यापन और न्यायालय से मिले लंबित परिवादों की भी समीक्षा की गई।
सड़क सुरक्षा, अवैध खनन और शराब के खिलाफ अभियान तेज होगा
बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। वाहन चेकिंग अभियान नियमित चलाने को कहा गया। थाना क्षेत्रों के संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां सीसीटीवी लगवाने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा अवैध खनन और अवैध शराब के खिलाफ लगातार छापेमारी चलाने का निर्देश दिया गया। जेल से छूटे अपराधियों के सत्यापन और यूडी मामलों के जल्द निष्पादन पर भी फोकस रखा गया।
साफ संकेत, अब प्रदर्शन के आधार पर होगी जवाबदेही
इस पूरी क्राइम मीटिंग से साफ है कि रामगढ़ पुलिस अब सिर्फ समीक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई चाहती है। लंबित मामलों से लेकर सड़क सुरक्षा और संगठित अपराध तक, हर मोर्चे पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाने की तैयारी दिख रही है।
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