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News Samvad : इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL का क्रेज़ हर साल करोड़ों लोगों को अपनी तरफ खींचता है। मैच शुरू होते ही लोग टिकट, लाइव स्कोर और फ्री स्ट्रीमिंग लिंक खोजने लगते हैं। अब साइबर अपराधी इसी दीवानगी का फायदा उठा रहे हैं। साइबर सिक्योरिटी कंपनी CloudSEK ने दावा किया है कि उसने IPL से जुड़े 1,000 से ज्यादा फर्जी डोमेन की पहचान की है, जो क्रिकेट फैंस को निशाना बना रहे हैं।कंपनी की जांच में पता चला कि 600 से ज्यादा नकली वेबसाइटें IPL टिकट बेचने के नाम पर लोगों को ठग रही थीं। वहीं 400 से ज्यादा फर्जी “फ्री लाइव स्ट्रीमिंग” साइट्स भी सामने आई हैं, जिनका इस्तेमाल मैलवेयर फैलाने और लोगों की निजी जानकारी चुराने के लिए किया जा रहा है।
लास्ट मिनट टिकट की जल्दबाजी बना रही आसान शिकार
रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर ठग खासतौर पर उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो बड़े मुकाबलों के दौरान जल्दबाजी में टिकट खरीदना चाहते हैं। कई फैंस सोशल मीडिया लिंक, गूगल सर्च या व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए ऐसी वेबसाइटों तक पहुंच जाते हैं जो देखने में बिल्कुल असली लगती हैं।इन वेबसाइटों पर बड़े टिकटिंग प्लेटफॉर्म जैसे लोगो, रंग और डिजाइन इस्तेमाल किए जाते हैं ताकि लोगों को शक न हो। यूज़र से सीट चुनने, मोबाइल नंबर, ईमेल और दूसरी निजी जानकारी भरने के बाद UPI, कार्ड या QR कोड से पेमेंट करवाया जाता है।पेमेंट पूरा होते ही यूज़र को एक PDF टिकट भेज दिया जाता है, जिसमें बुकिंग ID और QR कोड भी होता है। लेकिन असली झटका तब लगता है जब स्टेडियम पहुंचने पर एंट्री ही नहीं मिलती।
सिर्फ टिकट नहीं, पूरा डेटा भी चुराया जा रहा
CloudSEK के सिक्योरिटी कंसल्टेंट Sourajit Majumdar का कहना है कि ये स्कैम अब काफी संगठित तरीके से चलाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, ठग सिर्फ नकली टिकट बेचकर पैसा नहीं कमा रहे, बल्कि लोगों का डेटा भी इकट्ठा कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि कई फर्जी वेबसाइटें Meta Pixel जैसे ट्रैकिंग टूल का इस्तेमाल कर रही हैं। इससे स्कैमर्स को पता चलता है कि कितने लोग वेबसाइट पर आए, किसने फॉर्म भरा और किसने पेमेंट किया। इसी डेटा की मदद से वे अपने फ्रॉड सिस्टम को और मजबूत बनाते हैं।मजूमदार ने कहा कि IPL में भावनाएं, उत्साह और जल्दबाजी तीनों एक साथ होती हैं और साइबर अपराधी ठीक इसी मौके का फायदा उठाते हैं।
फ्री लाइव स्ट्रीमिंग के नाम पर फैल रहा मैलवेयर
रिपोर्ट में फर्जी स्ट्रीमिंग वेबसाइटों को लेकर भी बड़ा खतरा बताया गया है। ये वेबसाइटें “IPL Free Live Stream” या “Watch IPL Match Free” जैसे कीवर्ड के जरिए सर्च रिजल्ट में ऊपर आने की कोशिश करती हैं।जैसे ही कोई यूज़र इन साइट्स पर क्लिक करता है, उसे कई संदिग्ध पेजों पर रीडायरेक्ट किया जा सकता है। कई मामलों में फोन या लैपटॉप में मैलवेयर डाउनलोड हो जाता है। कुछ साइट्स लॉगिन डिटेल्स और बैंकिंग जानकारी चुराने की भी कोशिश करती हैं।कई यूज़र्स को फर्जी ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहा जाता है, जो बाद में डिवाइस का कंट्रोल लेने या डेटा चोरी करने का काम करते हैं।
ऐसे बचें IPL स्कैम से
साइबर एक्सपर्ट्स ने लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- टिकट हमेशा आधिकारिक प्लेटफॉर्म या भरोसेमंद ऐप से ही खरीदें
- सोशल मीडिया या व्हाट्सऐप पर मिले अनजान लिंक पर क्लिक न करें
- “फ्री IPL स्ट्रीम” जैसी वेबसाइटों से दूरी बनाकर रखें
- किसी भी साइट पर पेमेंट करने से पहले URL जरूर जांचें
- फोन या लैपटॉप में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट चालू रखें
- संदिग्ध ऐप्स डाउनलोड करने से बचें
IPL का रोमांच अपनी जगह है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही भारी नुकसान में बदल सकती है। ऐसे में ऑनलाइन टिकट और स्ट्रीमिंग के दौरान सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

