अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने बिहार के सीएम सम्राट चौधरी से उनके 1 अणे मार्ग स्थित आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान डॉ. सुलभ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बिहार में साहित्य, संस्कृति और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि राज्य की बौद्धिक और सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हो सके।
साहित्य सम्मेलन को बताया साहित्य का प्राचीन मंदिर
मुलाकात के दौरान डॉ. अनिल सुलभ ने सीएम को याद दिलाया कि वे बिहार के मंदिरों और गुरुद्वारों जैसे पुण्य स्थलों पर जाकर आशीर्वाद ले रहे हैं, जो अच्छी बात है। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन भी साहित्य का एक प्राचीन मंदिर है, जहां आकर उन्हें दिवंगत ऋषि-साहित्यकारों के विचारों और प्रेरणा का आशीर्वाद भी लेना चाहिए। डॉ. सुलभ ने सीएम को मधुबनी कला से युक्त वंदन वस्त्र और पुष्प गुच्छ देकर शुभकामनाएं भी दीं।
‘रामायण परिपथ, बिहार’ पुस्तक के लोकार्पण का निमंत्रण
डॉ. सुलभ ने मुख्यमंत्री को चर्चित शोध लेखक रवि संगम द्वारा लिखित पुस्तक ‘रामायण परिपथ, बिहार’ के लोकार्पण हेतु आमंत्रित किया। यह पुस्तक भगवान श्रीराम की बिहार यात्रा से जुड़े स्थलों, उनके चरण पड़ने वाले स्थानों की महिमा, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर आधारित है। डॉ. सुलभ ने बताया कि इस पुस्तक में दस वर्षों के शोध के आधार पर कई महत्वपूर्ण और तथ्यपूर्ण जानकारियां शामिल की गई हैं, जिसे बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा प्रकाशित किया गया है। सीएम सम्राट चौधरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सम्मेलन आने की इच्छा जताई और कहा कि तिथि निर्धारित होने के बाद वे अपने कार्यक्रम की जानकारी देंगे।
बिहार में हिन्दी संस्थानों को मजबूत करने की मांग
डॉ. अनिल सुलभ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बिहार में हिन्दी संस्थानों को मजबूत करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में हिन्दी संस्थानों की व्यवस्था पहले से मौजूद है, उसी तरह बिहार में भी ‘बिहार हिन्दी संस्थान’ की स्थापना होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ‘हिन्दी प्रगति समिति, बिहार’ के पुनर्गठन और बिहार की विभिन्न भाषायी अकादमियों को सक्षम और समृद्ध बनाने का आग्रह भी किया।
साहित्य और भाषा के संरक्षण पर जोर
डॉ. सुलभ ने कहा कि बिहार की पहचान केवल राजनीति या प्रशासन से नहीं, बल्कि इसकी भाषा, साहित्य और संस्कृति से भी है। ऐसे में इन क्षेत्रों को मजबूत करना राज्य के लिए जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
इसे भी पढ़ें : सम्राट कैबिनेट में 18 अहम फैसलों पर मुहर, कौन-कौन से… जानें

