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Ranchi : राजधानी रांची के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। आने वाले पर्व-त्योहार, बढ़ती आवाजाही और ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने को लेकर मंगलवार को रांची SSP राकेश रंजन ने बेड़ो और सिल्ली अनुमंडल क्षेत्र के डीएसपी, थानेदारों और पुलिस अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। बैठक में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी भी मौजूद रहे। यह सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि गांवों की सुरक्षा, पुलिस की जिम्मेदारी और लोगों के भरोसे को मजबूत करने को लेकर एक स्पष्ट संदेश भी था। बैठक में SSP ने साफ कहा कि थाना सिर्फ कागजों से नहीं चलता, बल्कि इलाके में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से लोगों का भरोसा बनता है।
“थाना में बैठने से नहीं चलेगा काम”
बैठक के दौरान SSP राकेश रंजन ने नए थाना प्रभारियों को सीधे शब्दों में कहा कि उन्हें सिर्फ थाना परिसर तक सीमित नहीं रहना है। गांव, चौक-चौराहे, बाजार और संवेदनशील इलाकों में लगातार जाना होगा। लोगों के बीच पुलिस की मौजूदगी दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार छोटी घटनाएं बड़ी परेशानी बन जाती हैं, क्योंकि समय रहते जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसे में थाना प्रभारी इलाके के लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क में रहें।
रात की गश्ती पर सबसे ज्यादा फोकस
बैठक में रात के समय गश्ती और पेट्रोलिंग को लेकर खास चर्चा हुई। SSP ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में रात के समय पुलिस की सक्रियता बहुत जरूरी है। कई अपराध ऐसे समय में होते हैं, जब सड़कें सुनसान होती हैं और पुलिस की निगरानी कम होती है। उन्होंने निर्देश दिया कि पेट्रोलिंग सिर्फ खानापूर्ति के लिए नहीं होनी चाहिए। पुलिस टीम हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखे और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करे।
ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने भी कहा कि पुलिस की मौजूदगी ही अपराधियों के मन में डर पैदा करती है। इसलिए हर थाना क्षेत्र में लगातार मूवमेंट जरूरी है।
पर्व-त्योहार को लेकर बढ़ी सतर्कता
आने वाले पर्व-त्योहार को देखते हुए पुलिस प्रशासन अभी से तैयारी में जुट गया है। बैठक में संवेदनशील इलाकों की सूची, भीड़भाड़ वाले स्थानों और पुराने विवाद वाले क्षेत्रों पर विशेष चर्चा हुई। एसएसपी ने साफ कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। छोटी अफवाह भी माहौल खराब कर सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर नजर रखने और भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया। पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति के लोगों के साथ बैठक करें और आपसी भाईचारे का माहौल बनाए रखें।
गांवों में भरोसा जीतने की कोशिश
बैठक में सिर्फ अपराध रोकने की बात नहीं हुई, बल्कि पुलिस और जनता के रिश्ते को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि वे गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और छोटे मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर करने की कोशिश करें। ग्रामीण इलाकों में कई बार लोग छोटी घटनाओं की शिकायत करने से भी हिचकते हैं। ऐसे में पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वह लोगों के बीच भरोसे का माहौल बनाए।
लंबित मामलों और फरार अपराधियों पर शिकंजा
बैठक में पुराने मामलों की समीक्षा भी की गई। SSP ने कहा कि लंबित मामलों का जल्द निष्पादन हो और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों के सक्रिय अपराधियों की सूची अपडेट रखें और उन पर लगातार नजर बनाए रखें। चोरी, अवैध कारोबार, मारपीट और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
“घटना होने का इंतजार मत कीजिए”
बैठक के अंत में एसएसपी राकेश रंजन ने पुलिस अधिकारियों को एक अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि समय रहते हालात को समझकर अपराध रोकना भी है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस अलर्ट और एक्टिव रहेगी, तो लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा और अपराधियों के मन में डर बना रहेगा।
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