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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ जिले के नरोत्तमपुर पंचायत अंतर्गत रामचंद्रपुर पहाड़िया टोला में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में पकड़ा गया युवक अब सलाखों के पीछे पहुंच गया है। ग्रामीणों की शिकायत और पंचायत सचिव की लिखित सूचना के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और सोमवार को जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले कई महीनों से गांव और आसपास के इलाकों के लोगों को जन्म प्रमाण पत्र बनाकर दे रहा था। लोगों को भरोसा दिलाया जाता था कि प्रमाण पत्र पूरी तरह वैध हैं और सरकारी कामों में आसानी से इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इसी भरोसे में आकर कई लोगों ने उससे प्रमाण पत्र बनवाए और इसके लिए हजारों रुपये भी चुकाए।
आधार केंद्र में जांच के दौरान सामने आई सच्चाई
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब कुछ ग्रामीण अपने दस्तावेजों को आधार से संबंधित कामों के लिए जांच कराने पहुंचे। जांच के दौरान उनके जन्म प्रमाण पत्र अमान्य पाए गए। इसके बाद लोगों को शक हुआ कि कहीं उनके साथ धोखाधड़ी तो नहीं हुई है। धीरे-धीरे गांव के अन्य लोगों से भी जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि कई लोगों के पास ऐसे ही प्रमाण पत्र हैं, जो संदिग्ध हैं। इसके बाद पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ने लगी।
दो हजार से दस हजार रुपये तक वसूलने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि कैफे संचालक हेमंत कुमार जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर लोगों से दो हजार रुपये से लेकर दस हजार रुपये तक वसूलता था। जरूरतमंद और कम जानकारी रखने वाले लोग उसके झांसे में आ जाते थे और पैसे देकर प्रमाण पत्र बनवा लेते थे। जब प्रमाण पत्र फर्जी निकले तो लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सरकारी कामकाज में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाल बिछाकर आरोपी को दबोचा
आरोपी को पकड़ने के लिए ग्रामीणों ने खुद योजना बनाई। उन्होंने हेमंत कुमार को यह कहकर बुलाया कि उन्हें कुछ और जन्म प्रमाण पत्र बनवाने हैं। बताया जाता है कि जैसे ही वह तय जगह पर पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही सदर अंचलाधिकारी अरविंद कुमार बेदिया मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूरी जानकारी ली। प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी को मुफ्फसिल थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पंचायत सचिव की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
इस मामले में संबंधित पंचायत के पंचायत सचिव उत्तम घोष ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मुफ्फसिल थाना में कांड संख्या 76/26 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए सोमवार को जेल भेज दिया। साथ ही यह भी जांच शुरू कर दी गई है कि फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के इस खेल में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
ग्रामीणों ने मांगी सख्त कार्रवाई
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी द्वारा लोगों से वसूली गई रकम वापस कराई जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
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