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Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का परिणाम अब जल्द जारी होने की उम्मीद है। लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए यह राहत भरी खबर है। झारखंड हाईकोर्ट ने अधिकतम आयु सीमा में छूट से जुड़ी सभी प्रमुख याचिकाओं का निपटारा कर दिया है। इसके साथ ही पीटी परीक्षा का परिणाम जारी करने में आ रही कानूनी बाधा भी समाप्त हो गई है।
हाईकोर्ट ने क्या कहा
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान कहा गया कि राज्य सरकार पहले ही कट ऑफ तिथि में बदलाव कर चुकी है और अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में चार वर्ष की छूट दी जा चुकी है। ऐसे में याचिकाओं में उठाया गया मुख्य विवाद अब समाप्त हो गया है।अदालत ने यह भी साफ किया कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा तय करना राज्य सरकार का नीतिगत फैसला होता है। सामान्य परिस्थितियों में अदालत ऐसे मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती।
अब रिजल्ट जारी करने का रास्ता साफ
सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम लगभग तैयार है। लेकिन 12 फरवरी 2026 को पारित अंतरिम आदेश की वजह से इसे प्रकाशित नहीं किया जा सका था। अब जब सभी याचिकाओं का निस्तारण हो गया है, तो आयोग के सामने परिणाम जारी करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं बची है।इस फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि आयोग जल्द ही पीटी परीक्षा का परिणाम जारी कर सकता है। इसके बाद मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।
क्या था पूरा मामला
मामला उन अभ्यर्थियों की याचिकाओं से जुड़ा था, जिन्होंने अधिकतम आयु सीमा में अतिरिक्त छूट देने की मांग की थी। उनका कहना था कि कई वर्षों तक परीक्षा नियमित रूप से नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार आयु सीमा पार कर चुके हैं। उन्होंने यह भी दलील दी थी कि वर्ष 2016 और 2017 की परीक्षाओं में भी अभ्यर्थियों को आयु सीमा में राहत दी गई थी।बाद में राज्य सरकार ने कट ऑफ तिथि में संशोधन करते हुए चार वर्ष की आयु सीमा में छूट दे दी। इसके बाद अदालत ने माना कि याचिकाओं का मुख्य उद्देश्य पूरा हो चुका है और मामले का निपटारा कर दिया।
छात्र नेता ने फैसले को बताया अहम
रांची विश्वविद्यालय के लीगल स्टडी सेंटर के विद्यार्थी और छात्र नेता तुषार कुमार ने कहा कि हाईकोर्ट का यह फैसला कानून और प्रशासनिक व्यवस्था, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि आयु सीमा तय करना सरकार का नीतिगत अधिकार है। इससे भविष्य में इस तरह के मामलों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी। साथ ही आयोग अब बिना किसी कानूनी बाधा के परिणाम जारी कर सकेगा।
अभ्यर्थियों की नजर अब आयोग पर
अभ्यर्थी राज नारायण महतो ने कहा कि हजारों उम्मीदवार लंबे समय से पीटी परीक्षा के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। अब जब हाईकोर्ट का फैसला आ गया है, तो आयोग को बिना किसी देरी के रिजल्ट जारी करना चाहिए। उनका कहना है कि समय पर परिणाम आने से मुख्य परीक्षा और आगे की चयन प्रक्रिया भी तय समय पर पूरी हो सकेगी। इससे अभ्यर्थियों का भरोसा भी मजबूत होगा और भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी।

