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Patna : बिहार की राजनीति में 10 जुलाई का दिन काफी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए के सभी सहयोगी दलों की बड़ी बैठक बुलाई है। यह बैठक मुख्यमंत्री आवास में होगी, जिसमें सरकार के मंत्री, एनडीए के पांचों दलों के वरिष्ठ नेता और सभी जिलाध्यक्ष शामिल होंगे। खास बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे।बैठक का मकसद सिर्फ सरकार के कामकाज की समीक्षा करना नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों की राजनीतिक रणनीति तय करना भी है। खासकर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।बैठक में सरकार की अब तक की उपलब्धियों, योजनाओं की प्रगति और जनता तक उनके बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि अलग-अलग जिलों में सरकार की योजनाओं का असर कैसा है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।सरकार चाहती है कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश संगठन के माध्यम से गांव और बूथ स्तर तक पहुंचे। इसी वजह से पहली बार जिलाध्यक्षों को भी इस स्तर की बैठक में बुलाया गया है।
जिलाध्यक्षों तक पहुंचेगा समन्वय का संदेश
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि एनडीए के पांचों घटक दलों के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में बेहतर तालमेल पहले से है, लेकिन इसे जिला और बूथ स्तर तक और मजबूत करने की जरूरत है।संजय झा के मुताबिक, बैठक में सभी जिलाध्यक्ष, सरकार के मंत्री, गठबंधन के वरिष्ठ नेता, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार मौजूद रहेंगे। सरकार के कामकाज के साथ-साथ भविष्य की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा होगी।उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी सहयोगी दल लगातार आपस में बैठकर मुद्दों पर चर्चा करते रहते हैं और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की कोशिश जारी है।इस बैठक की सबसे बड़ी वजह बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव भी माना जा रहा है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले एनडीए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना चाहता है।बांकीपुर सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण बदल गए हैं। ऐसे में एनडीए उम्मीदवार के चयन, प्रचार अभियान, संगठन की जिम्मेदारियां और चुनावी संदेश को लेकर भी विस्तृत चर्चा करेगा।
पांचों सहयोगी दल होंगे एक मंच पर
बैठक में एनडीए के सभी पांच सहयोगी दल शामिल होंगे। इनमें बीजेपी, जेडीयू, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता मौजूद रहेंगे।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गठबंधन की एकजुटता का संदेश देना और चुनावी तैयारियों को धार देना भी है।संजय झा ने संविधान से जुड़े सवाल पर भी साफ कहा कि एनडीए पूरी तरह संविधान के दायरे में काम करता है। उन्होंने कहा कि देश संविधान के अनुसार ही चलेगा और गठबंधन के सभी दल संविधान का सम्मान करते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पहली बार एनडीए के सभी सहयोगी दलों के प्रदेश नेतृत्व, मंत्रियों और जिलाध्यक्षों की इतनी बड़ी संयुक्त बैठक होने जा रही है। ऐसे में यह बैठक सरकार की कार्यशैली, संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। बांकीपुर उपचुनाव से पहले इस बैठक से एनडीए अपने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच एकजुटता और बेहतर समन्वय का स्पष्ट संदेश देने की तैयारी में है।
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