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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : कहते हैं आज के दौर में मोबाइल सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि इंसान की आधी जिंदगी बन चुका है। तस्वीरें, जरूरी दस्तावेज, बैंक की जानकारियां और न जाने कितनी यादें इस छोटे से डिब्बे में कैद होती हैं। ऐसे में जब किसी का मोबाइल खो जाए, तो उसकी परेशानी का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। लेकिन रामगढ़ के लोगों के लिए इस परेशानी का हल लेकर आई वहां की पुलिस, एक बेहद खास मुहिम के जरिए जिसका नाम है…”ऑपरेशन भरोसा”।
रामगढ़ पुलिस ने आम जनता का दिल जीतने और उनके बीच खाकी के प्रति विश्वास को मजबूत करने के लिए एसपी मुकेश लुनायत के निर्देश पर एक महीने का विशेष अभियान चलाया। इस अभियान का नतीजा यह रहा कि पुलिस ने अलग-अलग जगहों से कुल 125 गुम हो चुके मोबाइल फोन ढूंढ निकाले। खुशी का असली नजारा तब देखने को मिला जब रामगढ़ के न्यू टाउन हॉल में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम रखा गया। यहाँ एक-एक करके जब लोगों को उनके खोए हुए फोन वापस सौंपे गए, तो कई लोगों की आंखें खुशी से छलक उंठीं। किसी ने उम्मीद छोड़ दी थी, तो कोई नया फोन खरीदने का बजट न होने के कारण परेशान था।

कैसे मुमकिन हुआ यह टास्क?
इस पूरी मुहिम के पीछे एक सोची-समझी रणनीति थी। रामगढ़ के पुलिस कप्तान मुकेश लुनायत ने जिले के सभी थानेदारों और ओपी प्रभारियों को एक सख्त और स्पष्ट टास्क दिया था। उन्हें निर्देश था कि पिछले 6 महीनों के भीतर जितने भी मोबाइल गुम होने की शिकायतें (सनहा) थानों में दर्ज हुई हैं या केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल पर आई हैं, उन पर तुरंत काम शुरू किया जाए। इसके बाद पुलिस की टीमों ने कमान संभाली। यह जांच सिर्फ रामगढ़ तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने जाल बिछाया और रामगढ़ के अलावा रांची, हजारीबाग, चतरा, बोकारो, पलामू, गढ़वा और यहां तक कि राज्य के बाहर के इलाकों से भी मोबाइलों को ट्रैक करके बरामद किया।
किस इलाके से कितने फोन मिले?
पुलिस की इस मुस्तैदी में अलग-अलग थानों का प्रदर्शन काफी शानदार रहा। सबसे ज्यादा 30 मोबाइल रामगढ़ थाने ने बरामद किए। नीचे दी गई सूची से समझा जा सकता है कि किस थाने ने कितनी तत्परता दिखाई:
| क्र०सं० | थाना / ओ०पी० का नाम | बरामद मोबाइल की संख्या |
| 1 | रामगढ़ थाना | 30 |
| 2 | गोला थाना | 20 |
| 3 | पतरातु थाना | 14 |
| 4 | माण्डू थाना | 10 |
| 5 | कुज्जू ओ०पी० | 10 |
| 6 | रजरप्पा थाना | 09 |
| 7 | मुरकुण्डा ओ०पी० | 09 |
| 8 | भदानीनगर ओ०पी० | 07 |
| 9 | वे०बो० ओ०पी० | 06 |
| 10 | बरलंगा थाना | 05 |
| 11 | बासल थाना | 03 |
| 12 | बरकाकाना ओ०पी० | 02 |
| कुल बरामदगी | 125 |
सिर्फ मोबाइल नहीं लौटाया, समझदारी का पाठ भी पढ़ाया
इस कार्यक्रम का मकसद सिर्फ मोबाइल बांटना नहीं था, बल्कि लोगों को आने वाले खतरों से आगाह करना भी था। मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक ने जनता से सीधा संवाद किया। उन्होंने लोगों को सड़क सुरक्षा के नियम बताए, नशे के दुष्प्रभावों से बचने की सलाह दी और सबसे जरूरी… आज के दौर के सबसे बड़े खतरे यानी साइबर अपराधों से बचने के तरीके सिखाए। पुलिस ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को प्रैक्टिकल तरीके से समझाया कि अगर कभी फोन गुम हो जाए, तो घबराने की बजाय CEIR PORTAL (Central Equipment Identity Register) का उपयोग कैसे करें और ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज कराएं। पुलिस ने जनता से अपील की कि वे खुद भी जागरूक बनें और अपने परिवार व दोस्तों को भी इसके बारे में बताएं।
लौट आया ‘भरोसा’
अपना खोया हुआ कीमती मोबाइल वापस पाकर लोगों ने रामगढ़ पुलिस के इस कदम की खुलकर तारीफ की। कार्यक्रम से बाहर निकलते हुए एक नागरिक ने कहा, “मुझे नहीं लगा था कि मेरा फोन कभी वापस मिलेगा, लेकिन पुलिस ने आज मेरा भरोसा सच में जीत लिया।” रामगढ़ पुलिस ने भी जनता को आश्वस्त किया है कि यह कोई एक बार का अभियान नहीं था। लोगों की सेवा करने, उनकी खोई संपत्ति को सुरक्षित उन तक पहुंचाने और पुलिस-पब्लिक के रिश्ते को मजबूत करने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।
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