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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के जानकीनगर में मंगलवार और बुधवार को एक जमीन विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि इलाके में भारी बवाल हो गया। आजसू नेता और पूर्व एनडीए प्रत्याशी अजहर इस्लाम के आवास पर पुलिस को बुधवार सुबह तड़के बड़ी छापेमारी करनी पड़ी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि तीन थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया और आखिरकार मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कटर मशीन से मुख्य दरवाजा काटकर पुलिस घर के भीतर दाखिल हुई। हालांकि, आरोपी नेता और उनके परिजन फरार होने में कामयाब रहे।
इतना ही नहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बीच श्रम विभाग की टीम ने अजहर इस्लाम के बगीचे से दो नाबालिग बच्चों को बाल मजदूरी करते हुए रेस्क्यू भी किया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकीनगर निवासी आजसू नेता अजहर इस्लाम का उनके पड़ोसी जाकिर हुसैन के साथ आवास से सटे एक बगीचे की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मामला गंभीर होने के कारण सिविल एसडीओ ने इस विवादित जमीन पर निषेधाज्ञा लागू कर रखी थी, यानी वहां किसी भी तरह के निर्माण पर रोक थी। मंगलवार को जाकिर हुसैन ने मुफस्सिल थाना को सूचना दी कि अदालती रोक के बावजूद अजहर इस्लाम विवादित जमीन पर धड़ल्ले से निर्माण कार्य करवा रहे हैं।
मंगलवार दोपहर : पुलिस टीम को बंधक बनाने और धमकी देने का आरोप
शिकायत मिलने के बाद मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे सब इंस्पेक्टर रामदुलार सिंह, महिला हवलदार बाहा सोरेन और दो सशस्त्र जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। बाउंड्री वॉल के अंदर काम चल रहा था। पुलिस ने जब मजदूरों को काम रोकने को कहा, तो उन्होंने अजहर इस्लाम को बुला लिया। अजहर इस्लाम ने आते ही पुलिस से बहस शुरू कर दी और कहा, “मेरे घर में कैसे घुस गए, किसने आने का आदेश दिया?” जब पुलिस ने सरकारी नोटिस दिखाया, तो उन्होंने हाथ मारकर नोटिस नीचे गिरा दिया।
आरोप है कि आजसू नेता ने अपने बॉडीगार्ड्स और समर्थकों को बोलकर मेन गेट अंदर से बंद करवा दिया और पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई और वर्दी उतरवाने की धमकी दी गई। मामले में सबसे गंभीर मोड़ तब आया जब ड्यूटी पर तैनात महिला हवलदार बाहा सोरेन के साथ कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी और अभद्रता की गई। स्थिति बिगड़ती देख सब-इंस्पेक्टर ने थानेदार को फोन किया। नगर थाना प्रभारी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद बंधक जैसी स्थिति से पुलिस टीम को सुरक्षित बाहर निकाला।
बुधवार सुबह : कटर से काटा गया दरवाजा, तीन थानों की पुलिस तैनात
मंगलवार देर रात एसआई रामदुलार सिंह की लिखित शिकायत पर अजहर इस्लाम, उनके पिता अली अकबर, भाई और 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा, मारपीट, धमकी और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम (SC-ST Act) के तहत मामला दर्ज किया गया। बुधवार सुबह थानेदार गौरव कुमार के नेतृत्व में तीन थानों की पुलिस भारी बल के साथ अजहर इस्लाम के घर की घेराबंदी करने पहुंची। पुलिस को देखकर घर का मेन गेट अंदर से बंद कर लिया गया। घंटों तक पुलिस बाहर डटी रही और बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
आखिरकार, करीब 4 से 5 घंटे के इंतजार के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। मजिस्ट्रेट तनुजा पुजहर की मौजूदगी में कटर मशीन मंगवाई गई और लोहे के मेन गेट को काटकर पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई।
तलाशी में नहीं मिले आरोपी, श्रम विभाग ने बच्चों को किया रेस्क्यू
घर के अंदर दाखिल होने पर पुलिस को वहां सिर्फ महिलाएं मिलीं। अजहर इस्लाम, उनके पिता अली अकबर और भाई घर से गायब मिले। पुलिस ने पूरे घर की गहन तलाशी ली, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसी छापेमारी के दौरान मौके पर श्रम विभाग के अधिकारी भी पहुंच गए। जांच करने पर अजहर इस्लाम के बगीचे में दो नाबालिग बच्चे काम करते हुए पाए गए। श्रम विभाग की टीम ने तुरंत दोनों बच्चों को बाल मजदूरी के चंगुल से रेस्क्यू किया और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई।
“किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा”
थानेदार गौरव कुमार ने मीडिया को बताया कि पुलिस टीम पर हमला, सरकारी काम में बाधा और महिला पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता बेहद गंभीर मामला है। कानून से ऊपर कोई नहीं है। मुफ़स्सिल और नगर थाना में दर्ज मामलों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
मामले की आधिकारिक जांच पुलिस अधिकारी शंकर प्रसाद को सौंप दी गई है। पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है। इलाके में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस बल मुस्तैद है।
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