अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बरसात के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ने लगता है। ऐसे में PMCH यानी पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ने इस बार पहले से ही पूरी तैयारी कर ली है। अस्पताल प्रशासन ने डेंगू मरीजों के इलाज के लिए राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक (RSB) में 20 बेड का विशेष वार्ड तैयार किया है। इस वार्ड में मरीजों के इलाज से लेकर सुरक्षा तक का पूरा ध्यान रखा गया है। सभी बेड पर मच्छरदानियां लगाई गई हैं और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध करा दी गई हैं, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हर वक्त मौजूद रहेंगे डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ
PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू वार्ड में मरीजों की देखभाल के लिए 24 घंटे डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल अटेंडेंट की तैनाती की गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बरसात के मौसम में डेंगू के मामलों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। इसे देखते हुए पहले से सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं, ताकि मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।
उन्होंने कहा कि अस्पताल हर मौसम में आने वाली संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयारी करता है। इसी सोच के तहत इस बार भी डेंगू को लेकर कोई कमी नहीं छोड़ी गई है।
नई रेडियोलॉजी बिल्डिंग में मिलेगी आधुनिक जांच सुविधा
अस्पताल में इलाज के साथ-साथ जांच सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। नए रेडियोलॉजी भवन में आधुनिक मशीनों और बेहतर जांच व्यवस्था का विस्तार किया गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों की जांच तेजी से हो सकेगी, जिससे समय पर इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि समय पर जांच और सही इलाज से डेंगू के गंभीर मामलों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
पूरे बिहार में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में
सिर्फ PMCH ही नहीं, बल्कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग भी डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर पूरी तरह सतर्क है। सभी जिलों में मच्छरों पर नियंत्रण, फॉगिंग, मरीजों की पहचान, जांच और इलाज की व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक फिलहाल पूरे बिहार में 318 फॉगिंग मशीनें काम कर रही हैं। जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डेंगू की जांच के लिए NS1 ELISA और IgM ELISA किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके अलावा जिन इलाकों में डेंगू फैलने की आशंका ज्यादा है, वहां नियमित सर्विलांस कराया जा रहा है।
‘एंटी डेंगू माह’ के तहत चल रहा जागरूकता अभियान
जुलाई महीने को स्वास्थ्य विभाग ने ‘एंटी डेंगू माह’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। इस दौरान लोगों को डेंगू से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं। घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और बुखार आने पर तुरंत जांच कराने की अपील की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिए थे सख्त निर्देश
यहां याद दिला दें कि पिछले सप्ताह स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने डेंगू और चिकनगुनिया की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी। बैठक में उन्होंने साफ निर्देश दिए थे कि बरसात के मौसम में किसी भी जिले में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी अस्पतालों में जांच किट, दवाएं और जरूरी संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। साथ ही फॉगिंग, सर्विलांस और इलाज की व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रखी जाए, ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
इसे भी पढ़ें : HS की डॉक्टरों को दो टूक- बिना छुट्टी ड्यूटी से गायब हुए तो सीधा सस्पेंड

