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Home » खाद कालाबाजारी पर 265 दुकानों के लाइसेंस रद्द, कृषि मंत्री बोले- गड़बड़ी की तो सीधे FIR
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खाद कालाबाजारी पर 265 दुकानों के लाइसेंस रद्द, कृषि मंत्री बोले- गड़बड़ी की तो सीधे FIR

July 20, 2026No Comments4 Mins Read
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कृषि मंत्री
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Patna : बिहार में खाद और बीज की किल्लत से जूझने वाले किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि बिहार में खाद की कोई कमी नहीं है और अगर कोई भी दुकानदार या डीलर खाद की कालाबाजारी या तय दाम से ज्यादा वसूली करता है, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त एक्शन लिया जाएगा। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पटना में सोमवार को एक अहम बयान जारी करते हुए कहा कि नीतीश सरकार किसानों की भलाई के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। सरकार की नीति साफ है कि हर हाल में सही समय पर और सही दाम में किसानों तक यूरिया और डीएपी जैसी खाद पहुंचाई जाए।

बिहार में खाद का कितना स्टॉक है?

कृषि विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में फिलहाल खाद की कोई किल्लत नहीं है। 20 जुलाई 2026 तक बिहार में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है:

  • यूरिया : 4.55 लाख मीट्रिक टन
  • डीएपी : 1.38 लाख मीट्रिक टन
  • एनपीके : 2.54 लाख मीट्रिक टन
  • एसएसपी : 1.29 लाख मीट्रिक टन
  • एमओपी : 0.69 लाख मीट्रिक टन

मंत्री ने अधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि वे हर प्रखंड (ब्लॉक) की स्थानीय जरूरत और वहां बोई गई फसल के हिसाब से खाद का बंटवारा करें। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि किसी भी इलाके में खाद की बनावटी कमी दिखाकर किसानों को परेशान न किया जा सके।

गड़बड़ी करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

खाद और बीज की कालाबाजारी को रोकने के लिए कृषि विभाग ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी शून्य बर्दाश्त की नीति पर काम कर रहा है। विभाग ने इस दिशा में बड़ी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक गड़बड़ी करने वाले 44 खाद दुकानों और प्रतिष्ठानों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जबकि 265 दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दुकानों में लगी पॉस मशीन में दिखने वाले स्टॉक और दुकान में रखे असली स्टॉक का लगातार मिलान किया जाए। अगर मशीन के आंकड़े और गोदाम के माल में थोड़ा भी अंतर मिलता है, तो तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके लिए मुख्यालय स्तर की उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वाड) टीम और जिला स्तर की जांच टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

यूरिया की एक बोरी पर सरकार दे रही भारी सब्सिडी

किसानों को जागरूक करते हुए कृषि मंत्री ने एक बेहद जरूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यूरिया की एक बोरी (बैग) की असली लागत करीब 2,232 रुपये आती है। लेकिन किसानों पर इसका बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार हर बोरी पर लगभग 1,966 रुपये की भारी सब्सिडी खुद उठा रही है। इसी वजह से किसानों को यूरिया सिर्फ 266.50 रुपये प्रति बोरी के तय सरकारी रेट पर मिलता है।

मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे दुकानदारों को सिर्फ यही तय सरकारी रेट ही दें और किसी भी बहकावे में आकर ज्यादा पैसे न चुकाएं। साथ ही, उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक तरीके से और जरूरत के हिसाब से ही खाद का इस्तेमाल करने को कहा, ताकि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बची रहे और किसानों का पैसा भी बर्बाद न हो।

शिकायत करने वाले किसानों का नाम रहेगा पूरी तरह गुप्त

अगर कोई दुकानदार आपसे तय रेट से ज्यादा पैसे मांगता है या खाद होने के बावजूद मना करता है, तो आप इसकी शिकायत सीधे सरकार से कर सकते हैं। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत का समाधान 24 घंटे के भीतर होना चाहिए। सबसे बड़ी बात यह है कि शिकायत करने वाले किसान की पहचान को पूरी तरह से गुप्त (सीक्रेट) रखा जाएगा, ताकि उन्हें किसी का डर न रहे।

हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर जारी

कृषि इनपुट, खाद और बीज से जुड़ी शिकायतों के लिए कृषि विभाग ने मुख्यालय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया है। किसान अपनी शिकायत किसान हेल्पलाइन नंबर 0612-22335555 पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप नंबर 7766085888 पर भी शिकायत भेजी जा सकती है। कृषि विभाग का कहना है कि किसानों की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले दुकानदारों या प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इसे भी पढ़ें : बिहार में 551 आदर्श स्कूल शुरू, बच्चों के सपनों को नयी उड़ान दे गये सीएम सम्राट

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