अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बीमार पड़ने पर एक आम आदमी के मन में सबसे बड़ा डर यही होता है कि इलाज के लिए बड़े शहरों के कितने चक्कर काटने पड़ेंगे और कितना पैसा खर्च होगा। लेकिन, बिहार में अब यह तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। राज्य के सरकारी अस्पतालों को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि मरीजों को उनके घर के आस-पास ही बेहतर से बेहतर इलाज मिल सके। इसी कड़ी में आज यानी बुधवार को सीएम सम्राट चौधरी ने पटना सिटी के गुरु गोविंद सिंह जिला अस्पताल में कई नई सुविधाओं की शुरुआत की। यह सिर्फ एक अस्पताल के उद्घाटन की बात नहीं है, बल्कि पूरे बिहार के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ी राहत की कहानी है।
पटना सिटी के अस्पताल को मिली नयी ‘संजीवनी’
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु गोविंद सिंह अस्पताल की नई बिल्डिंग और नए जिला दवा गोदाम के उद्घाटन के साथ हुई। फीता काटने के बाद सीएम सम्राट चौधरी सीधे वार्डों में मरीजों के बीच पहुंचे। उन्होंने मरीजों का हाल-चाल जाना और फिर डॉक्टरों के साथ एक अहम बैठक की। मुख्यमंत्री का संदेश बिल्कुल साफ था। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अस्पताल में इलाज की सारी मशीनें और सुविधाएं दुरुस्त रहनी चाहिए ताकि किसी भी मरीज को दूसरे बड़े अस्पताल में रेफर करने की नौबत न आए। खासकर ऑर्थोपेडिक विभाग का मुआयना करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि हड्डी के इलाज के लिए इस अस्पताल की एक अलग पहचान बननी चाहिए, जहां हर तरह की सर्जरी और देखभाल की सुविधा मौजूद हो।

जिलों में बढ़ाई गई इमरजेंसी और आईसीयू की ताकत
गंभीर हालत में मरीजों को अक्सर पटना भागना पड़ता था। मरीजों की इस मजबूरी को खत्म करने के लिए राज्य भर के जिला अस्पतालों में सुविधाओं का बड़ा विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने एक साथ कई जिलों के लिए 105 नए आईसीयू (ICU) बेड, 70 इंटरमीडिएट केयर यूनिट (IMCU) बेड और 24 घंटे चलने वाली इमरजेंसी सेवाओं का लोकार्पण किया। इन सुविधाओं के शुरू होने का सीधा मतलब यह है कि अब अगर रात-बिरात भी कोई गंभीर मरीज जिला अस्पताल पहुंचता है, तो उसे तुरंत जीवनरक्षक इलाज मिल सकेगा।
📡#Live: गुरु गोविंद सिंह अस्पताल के नये भवन में विभिन्न निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का शुभारम्भ।#HealthcareInauguration #BiharHealthLaunch #BiharHealthDept @samrat4bjp @VijayKChy @Bijendra_ydv @Nishantjdu @BiharHealthDept @SHSBihar https://t.co/oWkHu03jXM
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) July 22, 2026
खून-पेशाब की जांच के लिए आसान हुआ सिस्टम
सरकारी अस्पतालों में अक्सर टेस्ट के लिए मरीजों को प्राइवेट पैथोलॉजी लैब की तरफ भागना पड़ता था। अब सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत एक नया ‘हब और स्पोक’ सिस्टम शुरू किया है। पहले चरण में 11 बड़े अस्पतालों यानी हब में जांच की बड़ी और आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं, जिनसे 221 छोटे सेंटरों (स्पोक) को जोड़ा गया है। यानी अब मरीज अपने नजदीकी सेंटर पर ही ब्लड का सैंपल दे सकेंगे और उनकी रिपोर्ट बिना किसी झंझट के समय पर उन्हें मिल जाएगी।

किडनी के मरीजों को बड़ी राहत, 25 अनुमंडलों में फ्री डायलिसिस
किडनी की बीमारी किसी भी परिवार को शारीरिक और आर्थिक, दोनों तरह से तोड़ कर रख देती है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य के 25 अनुमंडलीय अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा शुरू कर दी गई है। आयुष्मान कार्ड या पीएचएच (PHH) राशन कार्ड धारकों के लिए यह सुविधा बिल्कुल मुफ्त होगी, जबकि बाकी पात्र लोगों को भी बहुत कम और रियायती खर्च पर यह सेवा मिलेगी। अब मरीजों को हफ्ते में दो बार डायलिसिस कराने के लिए अपना गांव या कस्बा छोड़कर बड़े शहरों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।

अस्पताल परिसर में गूंजी सेवा की भावना
इस खास मौके पर सीएम सम्राट चौधरी ने तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब की प्रबंधक कमेटी की तरफ से गुरु गोविंद सिंह अस्पताल परिसर में लगाए गए ‘खंडा साहिब’ का भी लोकार्पण किया और वहां मत्था टेका। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पटना की मेयर सीता साहू के साथ-साथ राज्य के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े अफसर भी मौजूद रहे।


इसे भी पढ़ें : सीएम सम्राट ने किया लोकार्पण, तो नये रूप में इतरा उठे पटना के तीन गंगा घाट

