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Hazaribagh : किसी के लिए अनुकम्पा नियुक्ति का मामला लंबे समय से अटका हुआ था, तो कोई क्वार्टर की मरम्मत को लेकर परेशान था। किसी को पीएफ और पेंशन भुगतान से जुड़ी जानकारी चाहिए थी, तो किसी के सीएमपीएफ रिकॉर्ड में ऑनलाइन डाटा अपडेट नहीं था। आमतौर पर ऐसी समस्याओं को लेकर लोगों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक जाना पड़ता है। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी यह पता नहीं चल पाता कि मामला किस स्तर पर है।
इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखते हुए CCL के हजारीबाग क्षेत्र में शिकायत निवारण शिविर लगाया गया। यहां कर्मचारियों और हितधारकों को सीधे अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का मौका मिला। शिविर में कुल 27 शिकायतें दर्ज की गईं।
पांच घंटे तक सुनी गईं लोगों की समस्याएं
शिविर सुबह 11 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक चला। इस दौरान कर्मचारी और हितधारक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। किसी ने कागजात से जुड़ी परेशानी बताई, तो किसी ने वर्षों से लंबित मामले की जानकारी अधिकारियों को दी।
सबसे खास बात यह रही कि शिकायत लेकर पहुंचे लोगों को अपनी बात सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने रखने का मौका मिला। शिकायतों को मौके पर ही दर्ज किया गया और कई मामलों में अधिकारियों ने तत्काल आवश्यक जानकारी भी दी। इससे लोगों को कम से कम यह स्पष्ट हुआ कि उनकी समस्या किस विभाग से जुड़ी है और आगे इसके समाधान की प्रक्रिया क्या होगी।
एक ही शिविर में पहुंचे कई तरह के मामले
CCL के शिविर में दर्ज 27 शिकायतों में अनुकम्पा नियुक्ति से जुड़े मामले प्रमुख रहे। इसके अलावा आवास और क्वार्टर के रखरखाव, भविष्य निधि यानी पीएफ, पेंशन भुगतान और सीएमपीएफ से संबंधित ऑनलाइन डाटा को अपडेट करने जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
कर्मचारियों और हितधारकों के लिए इन समस्याओं का सीधा असर उनके रोजमर्रा के जीवन पर पड़ता है। किसी के परिवार में नौकरी का इंतजार होता है, किसी के लिए क्वार्टर की मरम्मत जरूरी होती है और किसी के लिए पीएफ या पेंशन से जुड़ा भुगतान बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अधिकारियों के सामने सीधे अपनी समस्या रखने का अवसर उनके लिए काफी अहम रहा।

कुछ मामलों में मौके पर ही मिली जानकारी
शिविर के दौरान अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई। लोगों को बताया गया कि उनके मामले में आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी और किन दस्तावेजों या विभागीय कार्रवाई की जरूरत होगी।
जिन शिकायतों का तत्काल समाधान नहीं हो सका, उनका भी पंजीकरण किया गया। अब इन मामलों की संबंधित विभागों के स्तर पर जांच की जाएगी। इसके बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करते हुए शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।
अधिकारियों और यूनियन प्रतिनिधियों की भी रही मौजूदगी
कार्यक्रम की अध्यक्षता हजारीबाग क्षेत्र की महाप्रबंधक मानव संसाधन एवं समाधान प्रकोष्ठ सुमन रस्तोगी ने की। CCL मुख्यालय के समाधान प्रकोष्ठ के मुख्य प्रबंधक तेजविंदर सिंह, स्टाफ अधिकारी मानव संसाधन नीलाम्बरा मालिक, उप प्रबंधक मानव संसाधन निशांत कुमार परमार समेत मानव संसाधन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा स्टाफ अधिकारी सिविल, अन्य अधिकारी और यूनियन प्रतिनिधियों ने भी शिविर में हिस्सा लिया। इससे अलग-अलग तरह की शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक सीधे पहुंचाने में मदद मिली।
शिकायत सुनने से आगे, समाधान तक पहुंचाने की कोशिश
शिकायत निवारण शिविर का मकसद सिर्फ शिकायतें दर्ज करना नहीं था। कोशिश यह रही कि कर्मचारी और हितधारक अपनी समस्या लेकर सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंच सकें। इससे शिकायतों को समझने, सही विभाग तक पहुंचाने और समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में आसानी होती है।
CCL प्रबंधन का कहना है कि कर्मचारियों और हितधारकों की समस्याओं का समय पर समाधान जरूरी है। इसी उद्देश्य से ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। हजारीबाग क्षेत्र में आयोजित शिविर में दर्ज 27 शिकायतों पर अब संबंधित विभागों की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। लोगों को उम्मीद है कि जो मामले मौके पर हल नहीं हो सके, उनका भी जल्द समाधान होगा।
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